आमिर खान जहाँ जहाँ जाते हैं विवाद उनके पीछे चल देता है

 

आमिर खान जहाँ जहाँ जाते हैं विवाद उनके पीछे चल देता है। कभी उनके बयान लोगों को आहत करते हैं तो कभी वो ऐसा काम करते हैं कि लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो जाता है। लेकिन इस बार आमिर खान ने जो किया है उस पर हंगामा बहुत जोरदार हुआ है। आमिर पर एक बार फिर हिंदू धर्म की भावनाओं को भड़काने का आरोप लगा है। दरअसल आमिर खान और कियारा आडवाणी का एक नया सामने आया है। ये तो एक बैंक का है लेकिन लोग इसमें जीस तरह से हिंदू रीती रिवाजों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। उससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। में दिखाया गया है कि आमिर और 11 शादी कर घर जा रहे हैं। कार में दोनों चर्चा करते हैं कि उनमें से कोई भी विधायक के दौरान नहीं रोया। आगे पता चलता है कि यह सामान्य प्रथा के उल्टा है। ये दूल्हा है जो क्या रखे? घर घर जमाई बनकर आया है क्योंकि क्या राख के पिता बीमार हैं? आमिर खान फिर एक बैंक में दिखाई देते हैं और कहते हैं कि सदियों से चली आ रही परंपराएं ही क्यों चलती रहे? इसलिए हम हर बैंकिंग परंपरा पर सवाल उठाते हैं ताकि आपको बेहतरीन सेवा मिले। अब लोगों का कहना है कि ये बैंक का ऐसा ऐड बनाने का लॉजिकल एक शख्स ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, परंपराओं को बदलने के लिए उर्दू वुड को अपने समुदाय की महिलाओं का ब्रेनवॉश करना चाहिए। लेकिन यह कभी नहीं पूछना चाहिए कि क्या विवाहित महिलाओं को अपने ससुराल में रहने का समान अधिकार नहीं है? अगले ने लिखा, हमेशा समानता की बात होती है, लेकिन यह समझ नहीं आता कि इसमें केवल हिंदू परंपराओं को ही निशाना क्यों बनाया जाता है? मूर्ख आमिर खान को अपने धर्म में समानता लाने के लिए विज्ञापन करना चाहिए। कई बीवियों की परंपरा मस्जिद में महिलाओं का प्रवेश बुर्का प्रथा इन सभी पर भी फोकस करना चाहिए। एक और ने लिखा, अब बैंक को लोन बेचने के लिए हिंदू परंपराओं का मजाक उड़ाना होगा। क्यों? आमिर खान ने कभी हलाला समर्थन से जुदा ट्रिपल तलाक, बहुविवाह, बच्चों की शादी करने वाले तालिबानियों, अजमेर रेप स्कैंडल आदि पर समाज सुधार फ़िल्म या विज्ञापन नहीं करता? जीस थाली में खाते है, उसी में छेद करते हैं। इसके साथ ही कश्मीर फाइल के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने भी आमिर खान पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा, मुझे लगता है कि भ्रष्ट बैंकिंग सिस्टम को बदलकर सक्रियता दिखानी चाहिए। जैसी बकवास करते हैं और फिर कहते हैं कि हिंदू ट्रोल कर रहे हैं। बेवकूफ। फिलहाल आमिर के इस विज्ञापन पर मामला बहुत ज्यादा गर्म हो गया है।पहली बार हुआ है की। विदाई हो गई और दुल्हन रोये नहीं रोई तो तुम भी नहीं। पहला कदम कौन रखेगा? इस घर में नया कौन है? नया तो नहीं हूँ मतलब? हाँ। वेलकम थैंक यू। इतना बड़ा कदम उठाने के। सदियों से जो प्रथा चलती आई है, वहीं चलती रहती। ऐसा क्यों? तभी तो हम पूछते हैं सवाल बैंकिंग की हर प्रथा से ताकि आपको मिले बेस बैंक बदलाव हमसे ?

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