आजकल फिल्मों को जज करने के लिए सिर्फ दो शब्द काफी है रीमेक या फिर ओरिजिनल 50% फैसला तो तभी हो जाता है। फ़िल्म चलेगी या पिटेगी दृश्यम इसको बिना किसी शक के आप बॉलीवुड से निकलने वाली वन ऑफ थे? बेस्ट सस्पेंस थ्रिलर बोल सकते हो? लेकिन 7 साल पहले 19 9% हिंदी ऑडियंस को ये नहीं पता था की वो फुल ओरिजिनल ही रीमेक थी। बट आज तो पता है तो अब पार्ट टू का क्या होगा? दृश्यम टू का ट्रेलर फाइनली आफ्टर काफी लंबा इंतजार यूट्यूब तक पहुँच गया है। साथ में लेकर आया है वही पुराना सस्पेंस और डर ऑनेस्ट्ली काफी सारी बकवास फ़िल्म के ट्रेलर देखने के बाद फाइनली एक अच्छे तरीके से एडिट किया। ट्रेलर देखने को मिल रहा है। स्टार्ट से लेकर एंड सीन तक आपका सस्पेंस बना हुआ है। कहानी कितनी खतरनाक टाइप की होगी, उसका हिंट भी मिल गया प्लस कुछ रिवील भी नहीं हुआ। मैं जानती हूँ ट्रेलर और यह मेरा वाला विडीओ सबसे ज्यादा अजय देवगन के फैन्स देख रहे हैं। है ना बट दोस्त मेरे लिए ट्रेलर देखने की वजह कोई और ही है। अक्षय खन्ना एक दम अंडर रेटेड परफॉर्मर, वाटर कमबैक ये बंदा की हाइलाइट होने वाला है। बिना फ़िल्म देखे 100% भरोसे के साथ बोल सकती हूँ मैं इस बात को अजय देवगन तो हमेशा सेंटर पे रहेंगे ही, ये कहानी चलाई वो रहे है हम सब उनकी आँखों से फ़िल्म देख रहे हैं और डार्क सीरियस मूवीज़ में पता नहीं कैसे अजय देवगन की एक्टिंग स्किल्स अपने आप सुपर मोड़ पर चली जाती है। लेकिन चेस के गेम में तभी मज़ा आता है जब सामने वाला खिलाड़ी आपकी चाल का जवाब पीछे हट के नहीं, सामने से वार करके दे और इस बार तो खेल में एक रानी भी है। तब्बू माम् ये फ़िल्म में डालने वाली है। रिवेंज का फ्लेवर बदला लिया जाएगा। प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों नुकसान का ट्रेलर का सबसे बड़ा एडवांटेज तो यही है कि फ़िल्म की कास्ट सेम टु सेम रखी गई है। वहीं पुराने ऐक्टरस हैं। इसीलिए आज भी जब दृश्यम टू का ट्रेलर देखोगे तो दिमाग अपने आप फ्लैशबैक में जाके वही इमोशन्स और कनेक्शन को ढूंढ लेगा जो इन लोगों के साथ पिछले 7 साल से जुड़ा हुआ है। तो फिर दिक्कत कहाँ है? आप जानते तो हो रीमेक ये सब पीछा नहीं छोड़ेगा। जादू टोना कुछ भी कर लो। दृश्यम बॉस एक सस्पेंस बेस्ट फ़िल्म है। कहानी में ही इसका असली पावर छुपा हुआ है। कुछ वगैरह नहीं मिलेगा आपको, आप सोचो कहानी अगर पहले से ही सुन ली और सस्पेंस खुल गया तो थिएटर में 2 घंटे निकालना कितना मुश्किल होगा? जानबूझकर कोई ऐसी गलती करेगा जो ओरिजिनल सुना है। दृश्यम टू मोहन लाल सर वाली वो डायरेक्ट ओटी पे आई थी ऐंड ट्रस्ट मि। सर फर्स्ट पार्ट को भी छोटा बच्चा साबित कर दिया था। उस फ़िल्म का हाइप इतना ज्यादा क्रिएट हुआ था कि मुझे लगता है जो ट्रू सिनेमा लवर्स हैं वो ऑलरेडी उसको कम से कम एक बार तो देख चूके होंगे। अब यह रीमेक वाली फ़िल्म के मेकर्स को कॉन्फिडेन्स सिर्फ एक शब्द से मिलेगा। हिंदी डबिंग जो ओरिजिनल मलयालम फ़िल्म के साथ अवेलेबल नहीं थी। अजय देवगन प्लस अक्षय खन्ना प्लस तब्बू, खतरनाक टैलेंटेड स्टार कास्ट और साथ में हिंदी लैंग्वेज क्या लगता है इतना काफी होगा? ऑडियंस को थिएटर तक खींच कर लाने के लिए ओरिजिनल सुन तो ओटीटी पर रिलीज हुई लेकिन ये रीमेक लेकर थिएटर पहुँच गए। कॉन्फिडेन्स या फिर ओवर कॉन्फिडेन्स पर्सनली मुझे तो ट्रेलर अच्छा लगा। ऐसी कोई एक भी गलती नहीं ढूंढ सकते हैं। आप इसके अंदर एडिटिंग वगैरह भी एकदम टाइट है ना? कुछ एक्स्ट्रा ना कुछ कम हाँ, लेकिन एक बात भूलिएगा मत। फर्स्ट पार्ट को बनाया था डायरेक्टर निशिकांत कामत ने अनफारचुनेटली अब वो हमारे साथ है। नहीं तो ये वाला पार्ट टू अभिषेक पाठक ने डायरेक्ट किया है जो ओरिजनली एक प्रोड्यूसर हैं। अब पता नहीं डायरेक्शन में इनका टैलेंट कितना काम करेगा।
