फिल्म में स्टार कुछ नहीं करते बस मेकअप लगाते हैं प्रियंका चोपड़ा

 

प्रियंका चोपडा ने फिल्मों में काम करने को लेकर ऐसी बात कह दी है जिससे अब स्टारडम जो है वो सुपर स्टार्स के हाथों से निकलकर फ़िल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, फ़िल्म के क्रू मेम्बर्स फ़िल्म के राइटर इन सब की तरफ जा रहा है। अब तक तो हमने देखा की फिल्मों को स्टार्स के नाम पर ही बढ़ा चढ़ा कर बताया जाता है और ऐसे प्रेसेंट किया जाता है कि फ़िल्म सिर्फ और सिर्फ स्टार के कंधों पर है। लेकिन प्रियंका चोपडा ने स्टारडम के बोझ को अब हल्का कर दिया है। प्रियंका चोपडा ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में ऐक्टर्स के काम पर बात करते हुए कहा कि हम ऐक्टर्स क्या करते हैं? हम ऐक्टर्स कुछ भी नहीं करते हैं। हमें सिर्फ कैमरा के सामने 30 सेकंड परफॉर्म करना होता है। जिसदौरान हम लाइन्स बोलते है, वो लाइन्स हम किसी और की लिखी हुई बोल रहे होते हैं। हम दानों की करते है, वो गाना किसी और की आवाज़ में होता है। हम जो कपड़े पहनते है वो किसी और ने डिजाइन किए होते हैं और हमारे हेर और मेकअप भी किसी और ने किया होता है। वो कहानी जिसमें हम काम कर रहे होते है, वो कहानी भी किसी और की होती है। ऐसे में ऐक्टर्स का काम तो कुछ होता ही नहीं है। प्रियंका चोपडा ने यह जरूर बताया जीस वक्त हम अपनी परफॉर्मेंस दे रहे होते हैं। तब हमें परफॉर्मेन्स पर बहुत अच्छा ध्यान देने की जरूरत है कि उस परफॉर्मेन्स में हम इधर उधर ना हो। अदर्वाइज़ ऐक्टर्स कुछ ज्यादा काम नहीं करते प्रियंका चोपडा ने कहा कि फिल्मों के प्रमोशन के दौरान हम फिल्मों के बारे में बात करते हैं, लेकिन देखा जाए तो फ़िल्म हमने बनाई नहीं है। हमने तो बस थोड़ा सा काम किया है। वे गिव टू मच क्रेडिट टु ऐक्टर्स ऐक्टर्स डू नथ्थिंग बाई द वे तो प्रियंका चोपडा की इन बातों से प्रूफ होता है की फिल्मों में ऐक्टर्स का बहुत ही लिमिटेड काम होता है। लेकिन जब ये फ़िल्में रिलीज होती है तो ऐक्टर्स ही ऐक्टर्स प्रोमोट होते हैं। फिल्मों के जरिए कई बार हमने देखा है कि डायरेक्टर, राइटर या जो बैकग्राउंड के लोग हैं उन तक क्रेडिट भी नहीं पहुंचता है तो कहीं ना कहीं प्रियंका चोपडा की इन बातों से ये प्रूफ होता है की फ़िल्में सिर्फ और सिर्फ स्टार से नहीं बनती। एक पूरा टीम वर्क है, बट क्रेडिट जो है स्टार्क हो जाता है। टीम वक्त तक सिर्फ उनका मेहनताना पहुंचता है, तारीफ नहीं।




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