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फिल्म की
खास
बात
– मुस्लिम
निर्माता-निर्देशक
ने
दिखाई
पाकिस्तान
की
सच्चाई
फिल्म
का निर्माण बॉलीवुड के मुस्लिम निर्माता,
निर्देशक और अभिनेता मुश्ताक
पाशा ने किया है,
जो अपने आप में एक
साहसिक और ऐतिहासिक कदम
माना जा रहा है।
उन्होंने न केवल एक
संवेदनशील मुद्दे को छुआ, बल्कि
यह भी दिखाया कि
सच्ची देशभक्ति धर्म या मज़हब से
परे होती है। ये
है मेरा वतन" एक ऐसी कहानी
है, जो सीमा पार
से होने वाले आतंकवादी हमलों और उनके पीछे
छिपे पाकिस्तानी षड्यंत्र की परतें खोलती
है। फिल्म दर्शाती है कि सर्जिकल
स्ट्राइक जैसे ठोस कदम भारत के लिए न
केवल आत्मरक्षा हैं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक
संदेश भी। फिल्म
"ये है मेरा वतन"
की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर
अनेक प्रतिष्ठित एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने
इस आयोजन को गौरवपूर्ण बना
दिया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व
दिल्ली विधायक डॉ. विजय जौली के नेतृत्व में
किया गया, जो दिल्ली स्टडी
ग्रुप के प्रमुख आयोजक
भी हैं। मुख्य अतिथि के रूप में
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा उपस्थित रहे, जिन्होंने फिल्म की सराहना करते
हुए कहा, “यह फिल्म युवा
पीढ़ी को देशभक्ति और
राष्ट्र रक्षा के लिए प्रेरित
करती है।” उनके अनुसार, यह सिनेमा न
केवल भावनात्मक रूप से झकझोरने वाला
है, बल्कि युवाओं को एक सकारात्मक
दिशा देने वाला माध्यम भी है। इस
अवसर पर संघ प्रचारक
इंद्रेश कुमार जी, जैन गुरु डॉ. लोकेश मुनी जी, भाजपा के पूर्व सांसद
रमेश बिधूड़ी, दक्षिण दिल्ली भाजपा जिलाध्यक्ष माया बिष्ट, और सेंसर बोर्ड
की सदस्य सीमा सूरी सहित कई अन्य गणमान्य
अतिथि भी विशेष रूप
से उपस्थित रहे। इन सभी ने
फिल्म के संदेश, अभिनय
और विषयवस्तु की सराहना की
और इसे राष्ट्रहित में एक प्रेरणादायक प्रयास
बताया।फिल्म
"ये है मेरा वतन"
की सफलता का श्रेय उसकी
सशक्त कलाकार टीम को भी जाता
है। इस फिल्म के
निर्माता, निर्देशक और मुख्य अभिनेता
की त्रयी भूमिका को मुश्ताक पाशा
ने बखूबी निभाया है। उनके नेतृत्व और अभिनय ने
फिल्म को एक सशक्त
एवं प्रामाणिक स्वरूप प्रदान किया। फिल्म की प्रमुख अभिनेत्री
मृदुला महाजन ने अपने भावनात्मक
और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों के
दिलों में गहरी छाप छोड़ी। उनके साथ नेहा शर्मा, अथर हबीब, यशपाल शर्मा, विष्णु शर्मा और राजकुमार कन्नौज
जैसे अनुभवी कलाकारों ने दमदार अभिनय
करते हुए फिल्म के हर दृश्य
को जीवंत बना दिया। पूरी टीम का अभिनय दर्शाता
है कि फिल्म सिर्फ
एक स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि एक जीवंत देशभक्ति
का अनुभव है। ये
है मेरा वतन” सिर्फ एक फिल्म नहीं,
बल्कि भारत की आत्मा की
आवाज है। यह फिल्म दर्शाती
है कि देशभक्ति का
कोई मज़हब नहीं होता, और जब बात
राष्ट्र की रक्षा की
हो, तो भारत के
हर नागरिक का खून एक
जैसा ही उबलता है।
खास बात यह है कि
इस फिल्म ने हिंदू-मुस्लिम
एकता का संदेश भी
बहुत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया
है। निर्देशक मुश्ताक पाशा, जो स्वयं मुस्लिम
हैं, ने यह सिद्ध
कर दिया कि सच्चा भारतीय
होने के लिए किसी
विशेष धर्म की आवश्यकता नहीं
होती, बल्कि एक सच्चे दिल
और राष्ट्रभक्ति की भावना ही
सबसे बड़ी पहचान है। मुश्ताक
पाशा द्वारा निर्मित यह फिल्म न
केवल सिनेमा की एक उत्कृष्ट
कृति है, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और सांप्रदायिक एकता
का भी प्रतीक है।
यह फिल्म दर्शकों को नफरत से
ऊपर उठकर एकजुट होने की प्रेरणा देती
है। इसे हर भारतीय को
अवश्य देखना चाहिए — ताकि हम समझ सकें
कि वास्तविक भारतवासी वही है जो देश
के लिए एक है।