बॉलीवुड से इस वक्त बहुत दुखभरी खबर आ रही है। दिग्गज एक्टर अरुण बालिका निधन हो गया है। 79 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली है। हैरानी की बात यह है कि आज ही अरुण वाली के आखिरी फ़िल्म गुड्बाइ भी रिलीज हो रही है, जिसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन और रश्मिका के साथ काम किया है।
इसे ही तो सच्चा कलाकार कहते हैं जो जाते जाते भी अपनी आखिरी सांस तक अभिनय कर गया। नाइंटीज के दौर के सबसे बड़े ऐक्टर्स में से एक माने जाने वाले अरुण बाली ने टीवी से लेकर फिल्मों तक में कमाल किया। राजू बन गया जेंटलमैन, फूल और अंगारे, खलनायक, थ्री इडियट्स और पानीपत जैसी फिल्मों में उन्होंने शानदार एक्टिंग की। साल 1989 में उन्होंने टीबी की दुनिया में कदम रखा और सबसे पहले वो दूसरा केवल नाम के सीरियल में नजर आए।
इसके बाद उन्होंने फिर वही तलाश दस्तूर, चाणक्य देख भाई देख शक्तिमान स्वाभिमान जैसे सीरियल में अपनी छाप छोड़ दें। हो सकता है की आज की नई पीढ़ी उनसे वाकिफ ना हो, लेकिन नाइंटीज के दौर के लोग उनकी एक्टिंग के कायल हुआ करते थे। गुड्बाइ से पहले अरुण बाली ने लाल सिंह चड्ढा में भी काम किया।
बढ़ती उम्र की वजह से वो अक्सर बीमार रहा करते थे, लेकिन उन्होंने कभी एक्टिंग करना नहीं छोड़ा। बॉलीवुड के इतिहास में ऐसा बहुत कम हुआ है कि ऐक्टर का निधन उसी दिन हो जाए जिसदिन उसकी फ़िल्म रिलीज हो रही है।
अरुण बाली ने कई ऐसे यादगार किरदार निभाए जो हिंदी सिनेमा में अमर हो गए। उनका नाम सिनेमा के इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। एक ऐसा एक्टर जो जाते जाते भी आखिरी सांस तक अभिनय की किल्लत हो गया। ईश्वर अरुण, बालिका ईश्वर अरुण बाली को अपने चरणों में स्थान दें।
