अब एक सच्चाई है, किसी से छुपा नहीं है। डीसी मार्वल की कॉम्पिटिशन में मार्वल ने अच्छा खासा लीड ले लिया है। कलेक्शन और कॉन्टेंट दोनों में काफी बड़ा डिफरेंस है। वो तो बस जोकर की डार्कनेस और बैटमैन की वेन्जेन्स का सहारा है, वरना डीसी कब का खुद हिस्टरी बन जाता, लेकिन डीसी और मार्वल दोनों का सबसे बड़ा हथियार कौनसा है? आप जानते हो इनकी कॉमिक्स जिसमें से निकलकर कभी भी कोई भी कैरेक्टर सिनेमा पहुँच सकता है। इस बार ब्लैक एडम आए हैं सूट बूट पे मत जाईये। बंदा सुपर हीरो जैसा सिर्फ दिखता है लेकिन ये हीरो नहीं है। अरे ऐसा खुद बोलते हैं, कहानी में देखो ज्यादा कुछ ट्विस्ट वगैरह है नहीं क्योंकि आप समझदार हो जानते ही हो। यह सिर्फ एक इन्ट्रोडक्शन फ़िल्म है। मैडम की की वही पुराना है गॉड वर्सिस डीमन अच्छा ही वर्सिस बुराइ की लड़ाई, जिसके बीच में अब एक सुपर ह्यूमन खड़ा है, टेक्निकली ब्लैक ऐडम्स, ऊपर ह्यूमन या फिर डेमी गॉड दोनों कैटिगरीज में फिट होते हैं, थोड़ा कन्फ्यूजिंग है लेकिन मुददे की बात ये है वो सब पास की बातें थी। अब कहानी प्रेज़ेंट में आ गई है जब दुनिया को छोटे छोटे काफी सारे नए दुश्मन मिल गए हैं। यू मीन इंसान अब लड़ाई फ्रीडम की है, जो कुछ लोगों के लिए सिर्फ एक सपना है। कहीं साइन्स एंड टेक्नोलॉजी रूल करती है तो कहीं पे बंदूक। अरे पावर का लालच लेकिन फिर अचानक पास में से एक मैजिकल जादू वाला क्राउन जाग उठता है और इसको पाने के लिए इंसान और शैतान दोनों के बीच में रेस लग जाती है। फिर क्या वो आ जाता है जिसका आपको मुझे हम सब कॉमिक्स के टाइम से इंतजार? ब्लैक मैडम जो अपने साथ लेकर आए हैं बहुत सारी कहानियाँ कुछ इनको हीरो मानते हैं तो कहीं पर लिखा है कि इनकी वजह से पूरा किंगडम बर्बाद हो गया। लेजेंड, चैंपियन, सुपर हीरो विलन या फिर उससे भी एक लेवल ऊपर किलर क्या है? ब्लैक ऐडम का सच खुद पता लगा ये डायरेक्ट पॉइंट बोलती हूँ फ़िल्म देखने का सिर्फ एक रीज़न है ऐक्शन फ्रॉम स्टार्टिंग टु एंड। हर सीन में हर फेमस सिर्फ और सिर्फ ऐक्शन भरा पड़ा है। बैकग्राउंड में कहानी चलती रहती है जिसमे ब्लैक ऐडम की हिस्टरी धीरे धीरे रिवील होती है। बट फ्रंट में सिर्फ मार हार और कुछ नहीं। फ़िल्म बिल्कुल भी इमोशनस या फिर कुछ सस्पेंस फील्ड ट्विस्ट सबको बिल करने में ज़रा भी टाइम वेस्ट नहीं करती, जो है वो ऐक्शन है। हाँ बीच बीच में थोड़ा सा सर काजमैन ह्यूमर आप ढूंढ सकते हो तो ढूंढ लोगे। कुछ फनी सिचुएशन में इक्का दुक्का छुपा हुआ है और ज्यादा क्लियरली बोलूं। साफ साफ शब्दों में ये फ़िल्म सिर्फ ऑडियंस के लिए है। सूपरहीरो फैन्स जो थिएटर जाते हैं एक मास टाइप के एक्स्पिरियंस के लिए आप जो क्रिटिक्स वगैरह है, जो फ़िल्म से कुछ अलग एक्सपेक्टेशन रखते हैं, एकदम मोटे चश्मे से कमियां ढूंढ़ते हैं, उनको ज्यादा मज़ा नहीं आएगा। बट किसी की बात मत सुनो, सिर्फ फालतू हें फैला रहे हैं। भाड़ में जाने दो। इस न्यूट्रल ऑडियंस आप डिसअप्पोइंट नहीं होगी, लिख के रख लो ये बात पर्सनली मेरे लिए फ़िल्म ठीकठाक है, एंटरटेनिंग है। हाँ, वो बैटमैन जो के टाइप की डेथ एक्सपेक्ट मत करिए गा क्योंकि ये उस टाइप का सिनेमा है नहीं और यह आपको 1000 लोग शायद पहले ही बता चूके होंगे। मैं 1001 बनके बोल देती हूँ फ़िल्म खत्म होने के बाद भाग मत जाना। पोस्ट क्रेडिट सीन में असली माल छुपा हुआ है। वहाँ आएगा सबसे बड़ा सरप्राइज़ जानते तो होंगे तुम लेकिन वो सीन जब खुद फिटनेस करोगे तो दिमाग में ब्लैक आइटम तू के लिए अभी से सपने सजा लोगे। बाकी द रॉक जॉनसन डब्ल्यूडब्ल्यूई के टाइम से ही मैं तो इनकी एनर्जी की फैन रही हूँ और इस बार तो ये सीधा ठंडरल लाइट ही लेकर आ गए वेलकम टु सूपर हीरो यूनिवर्स पक्की बात ये बंदा डीसी सूपर हीरो उसकी बैंड बज जायेगा डब्ल्यूडब्ल्यूई की रिंग की तरह है तो भैया मेरी तरफ से ब्लैक ऐडम को मिलेंगे पांच में से तीन स्टार्स पहला तो जबरदस्त एक्शन नो पॉज़ नो ब्रेक ओनली दे दनादन दूसरा पोस्ट क्रेडिट यहाँ से अगर डीसी ने इसको सही से यूज़ किया तो मार्वल सावधान थिएटर्स फट जाएंगे। तीसरा स्टाफ और जस्टिस सोसाइटी इनके थ्रू फ़िल्म में छोटे मोटे सरप्राइज़ डाले गए हैं। डॉक्टर फेड का इम्पोर्टेन्ट ट्विस्ट है तो ये मैडम कुछ कलरफुल स्पेशल इफेक्ट्स लेकर आई हैं। नेगेटिव से में पहेला तो कटेगा फ़िल्म को सिर्फ एक लाइन में भगाने के लिए कुछ सब प्लॉट होता है या फिर ब्लैक डंक आई विल साइड एक्स्प्लोर किया जाता है तब बात बनती दूसरा कटेगा फ़िल्म मिसिंग इमोशन्स ऐक्चुअली सुपर हीरो मूवीज़ में अक्सर फिल्ममेकर्स इस चीज़ को इग्नोर करते हैं लेकिन जहाँ इमोशन नहीं है, वहाँ ऑडियंस का कनेक्शन भी नहीं बनता। फ़िल्म देखो, बाहर निकलो और भूल जाओ। अभी डीसी फैन्स को तो कोई नहीं रोक सकता है। बचे हुए लोग खुद फैसला कर ले। फ़िल्म हिंदी में भी रिलीज हुई है।
