सौरव गांगुली को मिली उन्हीं के गुनाहों की सजा कुछ महीने पहले जो पॉलिटिक्स विराट कोहली के साथ हुई थी वहीं पॉलिटिक्स अब सौरव गांगुली के साथ हुई है। बस फर्क इतना है कि विराट कोहली के हाथ से इंडियन क्रिकेट टीम की कैप्टन सी गयी थी और सौरव गांगुली के हाथ से बीसीसीआइ की चेर गई है। जी हाँ, विराट कोहली को जब हटाया गया था कैप्टनसी से तब उन्हें न मैसेज किया गया ना ही उन्हें ऑफिशियली बताया गया। डायरेक्ट मीडिया में बीसीसीआई द्वारा एक प्रेस रिलीज दे दिया गया। जिसमें ये बताया गया कि विराट कोहली अब इंडियन क्रिकेट टीम के कैप्टन नहीं है। रोहित शर्मा अब कैप्टनसी संभालेंगे। विराट कोहली को ये बात खुद मीडिया से ही पता चली थी और तब लोगों ने बीसीसीआइ की बहुत क्लास ली थी और सौरव गांगुली की तरफ भी उठी थी। अब सौरव गांगुली के साथ ऐसा ही कुछ हुआ हैं सौरव गांगुली जो बीसीसीआइ के अध्यक्ष थे। आस अध्यक्ष उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है। सौरभ गांगुली ने अपनी इच्छा जताई थी कि वो एक बार फिर से अध्यक्ष बनना चाहेंगे। किसी के लिए बीसीसीआइ के डायरेक्टर्स और मेंबर्स के बीच मीटिंग हुई और इस मीटिंग में सभी लोगों ने सौरव गांगुली के अध्यक्ष फिर से बनने पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि सौरव गांगुली आसा अध्यक्ष अपना काम ढंग से नहीं कर पाए। कुछ लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि सौरव गांगुली ने अध्यक्ष रहते हुए ऐसी ब्रैन्डस को बीसीसीआइ से जोड़ा जो कि इंडियन क्रिकेट टीम के ऑफिशल स्पॉन्सर्स के कॉंपिटिटर्स है। कहा जा रहा है की मीटिंग और चर्चाओं के दौरान कई बार सौरव गांगुली ने इच्छा जताई कि वह फिर से अध्यक्ष बनना चाहते हैं। क्योंकि बीसीसीआई में अभी तक जीतने भी बड़े दे रहे हैं। उसपर हर कोई दो दो बार बैठा है। सौरभ गांगुली भी दूसरी बार अध्यक्ष बनना चाहते थे और करीब करीब मान चूके थे की वहीं अध्यक्ष बनेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब सौरव गांगुली के हाथ से ये कुर्सी चली गई हैं। 1983 की वर्ल्ड कप टीम के मेंबर रॉजर बिन्नी अब बीसीसीआइ के नए बॉस होंगे। सौरव गांगुली को लेकर काफी चर्चा रही। सौरव गांगुली पूरी मीटिंग में अलग थलग नजर आए। किसी ने भी सौरव गांगुली को फिर से अध्यक्ष बनाने के लिए सहमति नहीं दी। बीसीसीआइ के एक मेंबर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि कैसे जब मीटिंग में यह फैसला हुआ कि सौरव गांगुली फिर से अध्यक्ष नहीं बनेंगे तो वो झल्ला गए। नामांकन प्रक्रिया के खत्म होने के बाद सौरव गांगुली सबसे लास्ट में बीसीसीआई ऑफिस से निकले और जल्दी चलकर वो अपनी कार में बैठ गई। कार का दरवाजा ज़ोर से बंद किया, कांच चढ़ाया और वहाँ से निकल गए। किसी को ठीक से बी भी नहीं कहा। जिससे साफ पता चला कि बीसीसीआइ के इस डिसिशन से सौरव गांगुली नाराज थे। वो एक बार फिर से छह पर्सन बनना चाहते थे, लेकिन इस बार सौरव गांगुली के हाथ से ये पोज़ीशन गई और इसी सिचुएशन को लोग कंपेर कर रहे हैं की जो सौरव गांगुली ने विराट कोहली के साथ किया उनसे कप्तानी छीन ली थी। अब आज उसी का सामना सौरव गांगुली को करना पड़ा है। यानी की कह सकते हैं जैसे को तैसा वाला ट्रीटमेंट।
