नेटफ्लिक्स मे अक्कू यादव की बायोग्राफी इंडियन प्रिडेटर पार्ट थ्री

 

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अक्कू यादव नागपुर, महाराष्ट्र के कस्तूरबा नगर स्लम में रेहेता था। अक्कू गैंगस्टर, सीरियल किलर, वसूली करने वाला ही नहीं एक सीरियल रेपिस्ट भी था. ऐसा आरोप है कि उसने forty से ज्यादा महिलाओं का रेप किया और कहा जाता है कि उसने इतने रेप किए थे कि कस्तूरबा नगर स्लम के हर दूसरे घर में उसकी एक विक्टिम थी. उसने सालों तक महिलाओं का रेप करना और उन्हें मॉलेस्ट करना जारी रखा lthirteen अगस्त 2004 की बात है नागपुर का डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कोर्ट का कमरा नंबर सेवन, रोज़मर्रा की तरह क्रिमिनल्स का आना जाना, पेशी होना और जज के फैसले होना। इसी बीच पुलिस प्रोटेक्शन में 132 साल के क्रिमिनल को लाया जाता है। कोर्ट नंबर से वन में उस दिन इस क्रिमिनल की बेल की पेशी थी। खचाखच भीड़ थी, क्योंकि क्रिमिनल का क्राइम ही कुछ ऐसा था। कोर्स शुरू होती, कोर्ट फैसला सुनाती उसे पहले ही वहाँ पर मौजूद 2 hundred से ज्यादा औरतों ने एक के बाद एक इस क्रिमिनल पर अटैक किया और भीड़ में कई लोग ऐसे भी थे जिनके पास चाकू थे। उसमें कम उम्र की लड़कियां भी शामिल हैं और मिडल ईस्ट और हाइअर रेट यानी कि वृद्धा ये भी शामिल है। कम उम्र वाली 10 साल की लड़की को भी इस ने रेप किया और 116 साल की लड़की की दादी के साथ भी उसने रेप किया। यह इतना हैवान था। कस्तूरबा नगर बस्ती वाले पप्पू यादव के बारे में बात करते नहीं थकते।

उसके खिलाफ़ इतने इन्सिडेन्स और इतनी हरकते हैं जिससे वहाँ के लोग परेशान हो गए थे। कुछ लोगों ने जो अपने बयान दिए हैं उसमें उन्होंने बताया कि एक बार अक्कू यादव एक घर में सुबह के 4:00 बजे घुस गया। उसके बाद पति पत्नी में से पति के पैर में चाकू मार दिया और पति के सामने ही पत्नी के साथ रेप किया। एक इंसिडेंट ऐसा भी है जहाँ पर एक लड़की जिसकी शादी हुई ही थी, उसका भी इसने रेप किया। हद तो तब हो गई जब एक औरत जिसने एक बच्चे को जन्म दिया था और 10 दिन ही हुए थे, उसे जन्म दिए हुए उस औरत के साथ भी अक्कू यादव ने रेप किया और शर्म से उस लड़की ने खुद को आग लगाकर सुसाइड कर ली। एक लेडी जो सात महीना प्रेग्नेंट थी, उसको बीच रास्ते में नंगा किया और सड़क पर उसके साथ रेप किया। अपने आदमियों को आपको यादव इन्स्ट्रक्शन्स देता की 12 साल की लड़कियां जहाँ भी मोहल्ले में दिखे उन्हें उठा लाओ और फिर उनके साथ गैंग रेप हुआ करता था। आदमियों को भी नहीं छोड़ता था। एक बार एक आदमी को बीच रास्ते में नंगा किया और उस आदमी के शरीर पर सिगरेट से दागे और उस आदमी को अपनी ही sixteen साल की बेटी के सामने नंगा नाच करवाया और एक बार तो हद तब हो गई जब इसने रेप के बाद एक लेडी के दोनों ब्रेस्ट काट दिए। इस तरह की निर्मम हत्याएं इसने कस्तूरबा नगर में की थी। वहाँ के लोग अक्कू यादव के आतंक से इतने डर गए थे कि 25 परिवार ऐसे थे जो इस गांव को छोड़कर जा चूके थे। लड़कियों को घर से बाहर निकलना मना था। सब्जी वाले इस मोहल्ले में आकर सब्जी नहीं बेचते थे। औरतों को दूसरे मोहल्ले तक जाना पड़ता था। डरते हुए सब्जी खरीदने के लिए भी लोग डरने लगे थे। लोग घर में रहने लगे थे। अब सबसे बड़ी बात इतना कुछ एक पूरे एरिया में हो रहा है। एक एक घर का इंसान इस अक्कू यादव से परेशान है। पुलिस ने कोई ऐक्शन क्यों नहीं लिया? तो आपको बता दूँ कि जितनी गलती अक्कू यादव की थी, शायद उतनी ही गलती या यूं कहें कि उससे ज्यादा गलती तो पुलिस की थी। अब को यादव एक बहुत बड़ा गैंगस्टर था। वो पुलिस को जेब में रखता था। पुलिस को दारू पुलिस को ब्राइड करना उसकी आदत थी और पुलिस वाले उसके दोस्त थे। कुछ और तो नहीं? कोशिश भी किया कोई यादव के खिलाफ़ कंप्लेन करने की, लेकिन उन औरतों को पुलिस ने ही प्रॉस्टिट्यूट कह दिया और कह दिया की तू खुद चालू है तो अपने कैरेक्टर को देख उनकी कंप्लेंट ही नहीं ली। पुलिस को कंप्लेंट करने का कोई मतलब नहीं था क्योंकि अक्कू यादव ने हर दूसरे पुलिस वाले को खरीद रखा था तो आखिर फिर इस दरिंदे को पुलिस ने पकड़ा कैसे? यह दरिंदा कोर्ट तक और जेल तक पहुंचा कैसे? तो इसके पीछे एक इंसिडेंट है। एक बार हुआ यूं कि ये दरिंदा बस मासूम लड़कियों को अपना शिकार बनाने लगा। 1213 साल की लड़कियों को एक बार इसने thirteen साल की लड़की का रेप किया था। उसे पूरा मोहल्ला ऑलरेडी सदमे में था। इसी बीच से मोहल्ले में रहने वाली रत्ना डोंगरी के घर पर अक्कू यादव पहुंचता है और उससे पैसा मांगता है। वो मना करती है तो उसे धमकी देता है की तुझे और तेरे पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा। वहाँ पर उस दिन एक लेडी थी जिसका नाम था उषा नारायणी। उषा नारायणी ने उस दिन रत्ना से कहा कि तुम पुलिस में कंप्लेन करो अब बहुत हो गया। तुम लोग इससे डरोगे जितना ये उतना ही तुम्हें डर आएगा। लेकिन रत्ना भी बाकी लोगों की तरह डर गई और उसने कम्प्लेंट करने से मना कर दिया। तो इस बार खुद उषा ने एक आइडिया लगाया। इस लेडी के बिहाफ पर उसने पुलिस कंप्लेन कर दी। पुलिस कंप्लेन होने के बाद एक बार फिर से आपको यादव को गुस्सा आ गया। उसे लगा कि आखिर इस गांव में हर एक शख्स तो मुझसे डरता है। किस की हिम्मत हुई मेरे खिलाफ़ पुलिस के पास जाने की? अब पुलिस भी इतनी खास दोस्त की उसे बता देती थी कि कंप्लेन किसने की है। तो जैसे ही अक्कू यादव को पता चला कि उषा नाम की इस लेडी ने मेरे खिलाफ़ कंप्लेन की है। अक्कू यादव अपने गुंडों को लेकर उषा नारायण घर के बाहर पहुँच गया एसिड उषा पे गिराया l
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