हॉस्पिटल मे कमल हसन को करवाया एडमिट,आईसीयू में है कमल हसन हालत नाजुक


Reporter -Priya Magarrati 

 बॉलीवुड के सुपरस्टार कमल हासन को लेकर एक टेंशन वाली खबर आ रही है। कमल हासन की तबियत अचानक से बिगड़ गई है और उन्हें हॉस्पिटल में अडमिट करना पड़ा है। कमल हासन जिनकी बेटी श्रुति हासन और सारिका इंडस्ट्री में ऐक्टिव हैं उनको लेकर इस खबर ने सभी को चौंका दिया है। कमल हासन के हॉस्पिटल में अडमिट होने की खबर आई तो लोग चिंता में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं हार्ट अटैक तो नहीं क्योंकि इन दिनों सभी के साथ यही हो रहा है। लेकिन डॉक्टर्स ने लोगों की चिंता को दूर करते हुए बताया कि कमल हासन को बेचैनी महसूस हो रही थी। और उन्हें बुखार था, जिसके बाद उनका ट्रीटमेंट शुरू किया गया। डॉक्टर्स ने कमल हासन को अभी रेस्ट करने के लिए कहा है। उन्हें शूट करने से मना किया है कि पहली बार नहीं है जब कमल हसन की तबियत बिगड़ी है। कोरोना के दौरान कमल हासन को कोविद हुआ था और तब वो कई दिनों तक हॉस्पिटल में अडमिट रहे थे, लेकिन वहाँ से भी उन्होंने अपना काम किया था। उन्होंने बिग बॉस तमिल के पांचवें सीज़न को जो वो पोस्ट कर रहे थे उसका एपिसोड हॉस्पिटल से ही शूट किया था।

कमल हसन बारे मेबात किया जाए तो पहले ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने करियर को तोडकर तमिल के अलावा तेलुगू, मलयालम, कनाडा और हिंदी फिल्मों में काम किया। एक तरह से देखा जाए तो कमल हसन को इंडिया का पहला पॅन इंडिया स्टार कह सकते हैं। अस्सी के दशक में ही इनकी साउथ की चारों इंडस्ट्री में पकड मजबूत हो चुकी थी और साल उन्नीस सौ इक्यासी की फिल्म एक दूजे के लिए के जरिए इन्होंने बॉलीवुड में भी कदम रख दिया।

और ये फिल्म ब्लॉकबस्टर रही। हालांकि इस फिल्म को पॅन इंडिया फिल्म तो नहीं कह सकते ऍम देशं में बनी साल उन्नीस सौ छियानवे की फिल्म इंडिन तमिल और तेलुगू के साथ साथ हिंदी में भी काफी सफल रही थी। दोस्तों कमल हसन साॅस इंसान है। इन्हें ऍम कनाडा, हिंदी, अंग्रेजी, फ्रंच और बंगाली जैसी आठ भाषाओं में अच्छी पकड है। ये एक अच्छे एक्टर के साथ साथ अच्छे डाॅक्टर, राइटर, प्रडूसर, डांसर, सिंगर, कोरिक ।रफर और स्टंट डाॅक्टर हैं। ये भी कह सकते हैं कि ये ऑलराउंडर है और इन्हें फिल्म मेकिंग की सभी बारीकियां पता है। ये भरतनाट्यम और कथक में भी काफी निपुण है। इन्हें कराटे भी आता है और इनके पास ब्लॅक भी है। कमल हसन उन में से एक हैं जो सिनेमा के लिए काफी ज्यादा पॅन रहे हैं। इन्होंने तमिल इंडस्ट्री को हमेशा से ही अच्छा कंटेन्ट दिया है। इनकी फिल्मों के सब्जेक्ट और चॉइस काफी हट के और अलग रही हैं। उन्होंने कंटेंट ओरिएंटिड फिल्मों में काम किया और मोस्टली मसाला फिल्मों खुद को दूर रखा। इन्होंने नोवेल्टी और क्रिएटिविटी पर फोकस किया और इन की फिल्में हमेशा सही अपने समय से आगे की फिल्में रही हैं। इन्होंने लगातार ऍम फिल्म की। कई बार तो इन की फिल्में बुरी तरह से फ्लॉप रही। गुनाह शिवम और हे राम जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही। लेकिन आज इन सभी फिल्मों की गिनती कल फिल्मों में होती है। सिनेमा में दिए गए इनके योगदान के चलते इनको साल उन्नीस सौ नब्बे में पद्मश्री और साल दो हजार चौदह में पद्मभूषण से नवाजा गया। 

इन्हें अब तक चार नॅशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं। इनको नौ बार तमिलनाडु स्टेट अवॉर्ड और उन्नीस बार फिल्म फेयर अवॉर्ड से नवाजा गया। ये एकलौते ऐसे एक्टर हैं जिन्हें सबसे ज्यादा बार फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया। कमल हसन की अब तक टोटल आठ फिल्मों को ऑस्कर के लिए भेजा गया है जो कि किसी भी एक्टर की आज तक इतनी फिल्मों को ऑस्कर में नहीं भेजा गया। तमिल सिनेमा में हमेशा से इनका काम पॅन रजनीकांत सर से हुआ है और इन दोनों ही फॅमिली इंडस्ट्री पर रोल किया। सीनियरिटी की बात करें तो कमल हसन रजनीकांत सर से काफी ज्यादा सीनियर है। 

जब रजनीकांत सर आये तब कमल हसन बीस से ज्यादा फिल्मों में काम करके अपना एक स्थायी नाम बना चुके थे। रजनीकांत सर ने कमल हसन की दर्जनों फिल्मों में छोटे छोटे सपोर्टिंग, उं और यहाँ तक कि नेगेटिव रोल प्ले किए हैं और कमल हसन इन फिल्मों के हीरो हुआ करते थे। इन दोनों सूपर स्टार में काफी अच्छी दोस्ती है। इसके बावजूद इनका कॉम्पिटिशिन काफी तगडा हुआ करता था। मेनली कमल हसन की ऍन टर यानी की शहरी ऑडियंस में पकड थी। जो कंटेंट ड्रिवन फिल्मों को देखना पसंद करती थी वही रजनीकांत सर बी और और सी सेंटर के बाद सा रहे और इन्हें मसाला फिल्मों का किंग कहा गया। जो रजनीकांत कर सकते हैं वो कमल हसन भी कर सकते हैं लेकिन जो कमल हसन कर सकते हैं वो रजनीकांत नहीं कर सकते। ये मैं नहीं कह रहा हूँ। ये स्टेट मिंट खुद रजनीकांत सर ने एक इवेंट में दी थी। ये तो कह सकते हैं कि कमल हसन रील लाइफ में एक सक्सेसफुल इंसान है लेकिन रील लाइफ में ये एक फेल हस्बैंड है। इन्होंने साल उन्नीस सौ अठहत्तर में वाणी गणपति से शादी करी जिनसे साल उन्नीस सौ अट्ठासी में इनका डिवोर्स हो गया। साल उन्नीस सौ अट्ठासी में ही इन्होंने सारिका से शादी करी जिनसे दो हजार चार में इनका डिवोर्स हो गया। इस शादी से इनको दो बेटियाँ है श्रुति हासन और अक्षरा हासन। इस डिवोर्स के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में बयान दिया कि ये शादी में विश्वास नहीं रखते हैं और इन्हें शायद शादी नहीं करनी चाहिए थी। इसके बाद दो हजार चार से फॅस टिक पार्टनर रही। हालांकि इन दोनों ने शादी नहीं करी। एक टाइम पर उन्होंने अपने डाॅमेस्टिक पार्टनर की तारीफ करते हुए कहा था कि वो ओपन माइंडेड है। हालांकि आगे चल कर दो हजार सोलह में ये दोनों भी अलग होगा। 

अगर आप इन की फॅमिली को और ब्रेक में जानना चाहते हैं तो इस विडियो को देखे लिंक आपको ऊपर आई बटन पर दी गई है। इसके अलावा कमल हसन सर भगवान को भी नहीं मानते। कई बार इन्होंने ऐसी स्टेट मिंट दी है जिसके चलते लोग उन्हें देशद्रोही तक कहते हैं और काफी सारे लोग इनके अगेंस्ट भी रहते हैं। इस पर क्या ही कह सकते हैं। ये इनका फ्रीडम ऑफ स्पीच है। खैर कमल हसन सर स्क्रीन अपनी किसी के लिए भी काफी मशहूर है। ये मानते हैं की फॅस करने का माध्यम है और नब्बे के दशक में इनके काफी सारी फिल्मों में लिपलॉक रहे हैं। इन्हें तमिल इंडस्ट्री का इमरान हासमी भी कह सकते हैं। काफी सारी ॅ इसी वजह से कमल सर के साथ काम करने में कम्फर्टबल नहीं रहती थी। खैर हर इंसान के कमल हसन पर अपने अलग अलग पॉइंट भी हो सकते हैं। बात करते हैं इनके शुरुआती दिनों के कमल हसन का जन्म सात नवंबर साल उन्नीस सौ चौवन को रामनाथपुरम, मद्रास में हुआ जोकि तमिलनाडु के अंतर्गत आता है। इनका जन्म एक अय्यर ब्राह्मण परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम है डी श्रीनिवास और इनकी माता का नाम है राजलक्ष्मी। पिता इनके लॉयर और फ्रीडम फाइटर थे वही इनकी माँ राजलक्ष्मी एक हाउसवाइफ। इनकी माँ ने इनका नाम पार्थासारथी रखा था। हालांकि बाद में इनके पिता ने ये नाम बदलकर कमल हसन कर दिया। ये कुल चार भाई बहन है जिसमें इनके बडे भाई चारु हासन और चंद हसन ने कुछ फिल्मों में एक्टिंग करी है। वहीं इनकी बडी बहन नालिनी एक कॅन्सर्ट है। इनका जन्म एक समृद्ध परिवार में हुआ। 

इसके बाद ये मद्रास यानी कि चेन्नई शिफ्ट हो गए जहाँ इनके बडे भाई पहले से ही अपनी पढाई कर रहे थे। ये मद्रास पहुँचे और संथम से अपनी पढाई करने लगे हैं। एक बार हुआ ये की कमल हसन अपने माँ के मित्र जो कि एक फिजिशियन हुआ करते थे उनके साथ वीमियो पप्पा के घर उनकी वाइफ का इलाज करने पहुंचे। यहाँ मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूँ। ऍम प्रोडक्शन के मालिक हैं जो कि तमिल इंडस्ट्री का सबसे बडा प्रोडक्शन हाउस माना जाता है। तभी उनके बेटे ऍन वहाँ आ गए जिन्हें एक चाइल्ड आर्टिस्ट की तलाश थी और उनकी ये तलाश कमल हसन पर खत्म हुई। तुरंत ही कमाल असम को कल आतुर कनम्मा फिल्म में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट साइन कर लिया गया। उस समय इनकी उम्र यही कोई पाँच साल की रही होगी। पहली ही फिल्म में काम करने के लिए इन्हें प्रौं अवॉर्ड से नवाजा गया। पिता ने इनके काम को खूब सराहा और इनको फिल्मों में काम करने के लिए इनकरेज किया। इसके बाद ये पाँच और फिल्मों में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट नजर आए। साल उन्नीस सौ साठ से साल उन्नीस सौ तिरसठ तक ये फिल्मों में एक्टिव रहे और इस 

उसके बाद उन्होंने फिल्मों से ब्रेक लेकर हिंदू हाइट स्कूल से अपनी पढाई करने लगे। मीन हाइल, कमल हसन ऍम और कई सारे थिएटर से भी जुडे रहे जहाँ इन्हें एक्टिंग की बारीकियां सीखने को मिली। सात सालों के बाद कमल हसन साहब ने अपनी वापसी करी ये डॅान असिस्टेंट के तौर पर नजर आए। इस बीच में मॅजिनी और कृति मगन जैसी फिल्मों में बहुत छोटे छोटे रोल में नजर आए जहाँ पर इनको क्रेडिट तक नहीं दिया गया। पहली बार के बालाचंदर की फिल्म अरंगेत्रम में कमल हसन बडे रोल में नजर आए जहाँ इनको क्रेडिट भी दिया गया। इसके बाद ये बालाचंदर की सोलन टाॅय रोल में नजर आए। इन्होंने कुछ सपोर्टिंग रोल भी प्ले किए। फाइनली मलयालम फिल्म कन्याकुमारी में इनको बतौर लीड हीरो काॅस्ट किया गया। ये फिल्म सफल रही और कमल हसन को बेस्ट एक्टर का फिल्म फेर अवॉर्ड मिला। इसके बाद ये दर्जनों फिल्मों में लीड रोल और सपोर्टिंग रोल में नजर आए। फाइनली के बालाचंदर की फिल्म अपूर्वा रागंगल के जरिए कमल हसन को बडी सफलता मिली और यही फिल्म रजनीकांत सर की भी डेब्यू फिल्म फिल्म के विलन रजनीकांत थे और फिल्म के लीड हीरो कमल हसन। 

इस फिल्म के लिए इन्हें दूसरी बार फिल्म फेयर के बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड से नवाजा गया। इन्होंने बालाचंदर की मान मताली लाये मुंदरू मोदी तू और अगर कल जैसी सुपर हिट फिल्मों में काम किया जहां मान मदा लीला के लिए इनको तीसरी बार फिल्म फेयर का अवॉर्ड मिला। के बालाचंदर ने इन्हें सफलता की सीढियों पर चढा दिया। फिल्म सिक्सटीन के लिए इनको चौथी बार फिल्म फेयर के अवॉर्ड से नवाजा गया। साल उन्नीस सौ सतहत्तर में कविता फिल्म के जरिए इन्होंने बंगाली इंडस्ट्री में साल उन्नीस सौ सतहत्तर की कोकिला के जरिए इंडस्ट्री में और साल उन्नीस सौ अठहत्तर के मारो चरित्रा के जरिए इन्होंने तेलगु इंडस्ट्री में कदम रख दिया। मलयालम फिल्म ईटा के लिए इनको पांचवी बार फिल्म अवॉर्ड मिला। साल उन्नीस सौ अस्सी तक सौ से अधिक फिल्मों में नजर आए और चारों इंडस्ट्री में अच्छे से पकड मजबूत कर ली। साल उन्नीस सौ इक्यासी में इन्होंने एक दूजे के लिए फिल्म के जरिए बॉलीवुड में भी कदम रख दिया और ये फिल्म भी खूब चली। बॉलीवुड के अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना इनके अच्छे दोस्त बन गए। 

तमिल में इन्होंने अब तक ऍम रामाचंद्रन, शिवाजी गणेशन और जामिनी गणेशन जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम कर लिया। इस बीच में वरू माइंड निगम शिव पप्पू खुलासा राजा पर वही सदमा, सागर और गिरफ्तार जैसी सफल फिल्मों का हिस्सा रहे। साल उन्नीस सौ छियासी की फिल्म स्वाती मुत्तम कम अरसली हिट रही और कमल हसन को नंदी अवॉर्ड मिला। साथ ही साथ इस फिल्म को बॅाय नौ मिनट किया गया। साल उन्नीस सौ सत्तासी की नई काॅस्ट फिल्मों में गिनी जाती इसी फिल्म से साउथ इंडस्ट्री में अंडरवर्ल्ड बेस्ट फिल्में बनना शुरू हुई। कमल हसन की इस फिल्म को सौ ग्रेटेस्ट इंडियन फिल्म में भी ज्यादा दी गई। साल उन्नीस सौ सत्तासी की पुष्पक विमान एक यूनीक साइलेंट फिल्म थी और कमल हसन ने अपनी एक्टिंग के जरिए फिल्म को हिट काॅप दिलवाया।

 ये फिल्म पैंतीस हफ्ते तक चलती रही। साल उन्नीस सौ अट्ठासी में ये सनी देओल की मूवी अर्जुन के रीमेक सत्य में नजर आए और ये फिल्म्स ऊपर हिट रही। इसके बाद भी इन्होंने थेवर, मगन नाम, मावर, सती, लीलावती, महानंद 

और सुबह संकल्पना जैसे दर्जनों सुपर हिट फिल्में दी। नब्बे के दशक में ये इंडिया के पहले ऐसे एक्टर बने जो एक करोड की फीस चार्ज करते। साल उन्नीस सौ छियासी में शंकर के निर्देशन में बनी फिल्म इंडिन ब्लॉकबस्टर रही और साउथ इंडिया की पहली फिल्म बनी जिसने पचास करोड से ज्यादा की कमाई करी। साल उन्नीस सौ सत्तानबे की फिल्म चाची चार सौ बीस के बाद कमल हसन ने बॉलीवुड की फिल्मों में काम करना एकदम से बंद कर दिया। वजह बताई गई कि बॉलीवुड में फिल्म बनने में एक से दो साल का समय लग जाता है जबकि स तीन मंथ के अंदर ही फिल्म बनके रिलीज हो जाती है। 

इसके अलावा भी इनका कहना था कि बॉलीवुड की फिल्मों में अंडरवर्ल्ड का पूरी तरह से हस्तक्षेप रहता है। इसी वजह से उन्होंने बॉलीवुड छोडकर तमिल फिल्मों पे पूरी तरह से फोकस किया। साल दो हजार की फिल्म हे राम को काफी कंट्रोवर्सी का सामना करना पडा। ये पहली बार था जब बीजेपी और कांग्रेस किसी मुद्दे पर साथ थी और फिल्म को बैन करने की मांग उठी। नतीजन ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही। इसके बाद भी इन्होंने अल्लाह, वजन और शिवम जैसी फिल्मों में काम किया जो उस समय तो नहीं चली लेकिन आज इन फिल्मों को कल स्टाॅक्स मिला हुआ है। दाद देनी होगी इनके जज्बे की जो असफलता के बाद भी ऍम मिंट करते रहे। साल दो हजार आठ में ये दशावतार फिल्म में नजर आए। ये पहली बार था जब किसी हीरो ने दस कैरक्टर को एक फिल्म में प्ले किया और इतना ही नहीं हर कैरक्टर के लिए कमल हसन ने अपनी वॉईस में माँ रिलेशन क्या फिल्म का फर्स्ट लुक जैकी चैन से लॉन्च कराया गया। जहां कमल हसन ने बताया की जैकी चैन उनके हमेशा से इंस्पिरेशन रहे हैं। कमल हसन ने ये भी बताया कि जैक की चैन को काँपी करने के चक्कर में उन का बत्तीस बार फ्रैक्चर हुआ। दो हजार तेरह में ये विश्वरुपम फिल्म में नजर आए। इस फिल्म के लिए इन्होंने अपनी पाई पाई लगा दी। 

लेकिन मुस्लिम कम्यूनिटी की तरफ से प्रोटेस्ट के चलते फिल्म को तमिलनाडु के थिएटर से हटा दिया गया। उस समय कमल हसन अपनी प्रेस कांफ्रेंस में काफी ज्यादा इमोशनल हो गए। कमल हसन का ऐसा उतार कभी भी नहीं देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी की पूरी पाई पाई लगा दी। इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जो किसी कम्यूनिटी को हर्ट करे। इसके बावजूद इस फिल्म थिएटर में चलने नहीं दिया जा रहा है। दोस्तों आमिर खान जैसे कई फॅसने सामने आकर इस बात की जानकारी दी की इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो मुस्लिम कम्यूनिटी को हर्ट करे। आगे चलकर ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट रही और इसके बाद विश्वरुपम टू भी आई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इंडियन फिल्म के बाद कमल हसन और शंकर रोबोट फिल्म में भी साथ काम करने वाले थे लेकिन क्रीएटिव डिफरेंस के चलते यह प्रोजेक्ट नहीं बन सका। फिलहाल ये आने वाले समय में शंकर की इंडियन टू में नजर आएंगे। दोस्तों कमल हसन ने बतौर डाॅक्टर अब तक पांच फिल्मों में बतौर प्रडूसर छब्बीस फिल्मों में बतौर राइटर पैंतीस फिल्मों में और कई सारे टी वी प्रोग्राम को होस्ट किया है।  





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