शाहरुख खान इंडस्ट्री के इतने बड़े सुपरस्टार हैं शाहरुख खान एक तरफ और पूरी इंडस्ट्री एक तरफ ना सिर्फ शाहरुख खान फ़िल्म इंडस्ट्री को अपने कंधों पर बहुत हद तक खींचते है बल्कि शाहरुख खान ने इंडस्ट्री में कई लोगों को रोजगार भी दिया है। शाहरुख खान अपने आप में बहुत बड़ी ब्रैंड है, जिससे शाहरुख खान ने इंडस्ट्री को एक बड़े लेवल पर पहुंचाया है। उसी शाहरुख खान के खिलाफ़ हवा कब से होने लगी? यह बात तब की है जब शाहरुख खान अपना 50 वां बर्थडे मना रहे थे। 2015 और अपने 50 वें बर्थडे के मौके पर शाहरुख खान हर बार की तरह मीडिया इंटरैक्शन करते हैं और अपनी पर्सनल लाइफ के अलावा देश के मुद्दों पर भी बात करते हैं। जिसे टाइम शाहरुख खान अपना 50 वां बर्थडे मना रहे थे। तब देश में एक मुद्दा चल रहा था इनटॉलरेंस का मुद्दा। कई सारे लोगों ने इनटॉलरेंस के लिए एक पीटिशन दर्ज की थी। बड़े बड़े लोग जिन्हें अवॉर्ड दिए गए थे वो नेशनल और स्टेट लेवल के अवॉर्डस फिर से लौटा रहे थे। इसमें फ़िल्म इंडस्ट्री के भी कई राइटर्स शामिल थे। हिस्टोरियन्स और साइअन्टिस्ट भी इसका हिस्सा बन गए। यानी कि इन्टॉलरेंस एक बड़ा मुद्दा है। 50 वें बर्थडे पर शाहरुख खान ने इनटॉलरेंस पर बात की और यहीं से उन्होंने अपने लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। शाहरुख खान ने इनटॉलरेंस पर क्या कहा और उसके बाद क्या उन्होंने भुगता ये जानेगे शाहरुख खान ने कहा कि हाँ, मुझे महसूस होता है देश में इन्टॉलरेंस है और यह इनटॉलरेंस बहुत ज्यादा है और ये इनटॉलरेंस हर दिन बढ़ती जा रही है। इतना ही नहीं शाहरुख खान ने ये भी कहा की मीट खाने वाली बात को एक बहुत बड़ा मुद्दा बना दिया गया है। लोगों के खाने की आदत कब से इश्यू बनने लग गई? यह बहुत ही स्टुपिड चीज़ है और यही हमारी इनटॉलरेंस का सबसे बड़ा इश्यू है। इतना ही नहीं शाहरुख खान ने आगे ये भी कहा कि रिलिजन को लेकर भी बड़ी इनटॉलरेंस हो गई है और अगर आप सेक्युलर है तो फिर आपने बहुत बड़ा क्राइम कर दिया है। शाहरुख खान का ये बयान बहुत वायरल हो गया था और इस बयान पर कई सारे पॉलिटिशियन स् भड़के थे। चाहे एक तरफ इंडस्ट्री से और उनकी फ्रैटर्निटी के लोगों से शाहरुख खान को सपोर्ट मिला और लोगों ने शाहरुख खान की तारीफ की और कहा कि अब किसी ने इस मु्द्दे पर शानदार बोला है। वहीं बड़े बड़े पॉलिटिशियन शाहरुख खान पर भड़क गए थे। उनमें से एक पॉलिटिशियन वो थे जो आज सीएम हैं और उनके लिए कहा जा रहा है कि आगे चलकर पीएम अगर कोई बने तो वही बने। मैं बात कर रही हूँ योगी आदित्यनाथ की। योगी आदित्यनाथ तब तक सीएम तो नहीं बने थे लेकिन एमपी थे और आगे चलकर सीएम होंगे। इस बात की श्योरिटी उनके फॉलोअर्स की थी। यही वो टाइम था जब योगी जी ने एक वीडियो इंटरव्यू दिया था और शाहरुख खान के इस मु्द्दे पर उन्होंने बात की थी और उन्होंने ऐसी बात की जिसका खामियाजा कह सकते हैं कि आज तक शाहरुख खान भुगत रहे हैं। आज भी शाहरुख खान की जब फ़िल्म में बॉयकॉट होती है तो योगी आदित्यनाथ की। वहीं विडीओ सबसे ज्यादा वायरल होती है। योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि शाहरुख खान इनटॉलरेंस पर तो बोल रहे हैं, लेकिन उन्हें ये सोचना चाहिए की अगर आज भारत के लाखों हजारों लोग जो शाहरुख खान की फ़िल्में देखते हैं वो शाहरुख खान की फिल्मों को बॉयकॉट कर दें, उनकी फ़िल्में थिएटर में जाकर देखना बंद कर दें तो शाहरुख खान को भी नॉर्मल मुसलमानों की तरह सड़क पर घूमना पड़ जाएगा। उन्होंने आगे ये भी कहा था कि ये लोग जीस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि ये लोग किसी टेररिस्ट से कम नहीं और मैं तो यह कहूंगा कि हाफिज सईद और शाहरुख खान में कोई डिफरेन्स ही नहीं और मैं तो ये कहता हूँ की शाहरुख खान जैसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। तब जाकर उन्हें अपनी असलियत समझ जाएगी। जो लोग इंडिया को डिफेम करते हैं, उनके साथ यही होना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने यह बात 2015 में कही थी। आज हम 2022 में बात कर रहे हैं और आज भी जब शाहरुख खान की फ़िल्म पठान को बॉयकॉट किया जाता है तो योगी आदित्यनाथ की उसी विडिओ के मीम्स शेयर होते हैं और वो विडिओ आज भी वायरल है। कह सकते हैं कि शाहरुख खान के बॉयकॉट की शुरुआत तो 2015 में ही हो गई थी जिसका खामियाजा आज तक शाहरुख खान भुगत रहे हैं। शब्द था इनटॉलरेंस जिसने शाहरुख की जिंदगी बर्बाद कर दी और हालात ये हो गए कि अब अगर शाहरुख उमराह करने जाते हैं, तो इंडिया आकर वो वैष्णों देवी के दर्शन भी करते हैं।
