भारत मंडपम में धूमधाम से संपन्न हुआ द्वादशम राष्ट्रीय अटल सम्मान समारोह: अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 17 विभूतियों को सम्मानित किया गया

 

नई दिल्ली, 24 दिसंबर 2025: भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर प्रगति मैदान स्थित ऐतिहासिक भारत मंडपम में द्वादशम राष्ट्रीय अटल सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की 17 प्रमुख विभूतियों को अटल सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अटल सम्मान समारोह ट्रस्ट द्वारा किया गया, जिसमें राजनीति, कला, साहित्य और समाजसेवा से जुड़ी हस्तियां शामिल हुईं।

संगीतमय अटल गाथा ने मोहा मनप्रसिद्ध कथा वाचक अजय भाई ने संगीतमय अटल गाथा की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें अटल जी की कविताओं और जीवन स्मृतियों को संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की खूब सराहना की। इसके अलावा, आयोजक भुवनेश सिंघल ने अटल संवाद के माध्यम से अटल जी के साथ बिताए पलों के संस्मरण साझा किए। इस संवाद में सत्यनारायण जटिया और सुधांशु मित्तल जैसे व्यक्तियों ने अटल जी के जीवन के अनछुए पहलुओं को उजागर किया।इस अवसर पर भुवनेश सिंघल द्वारा लिखित पुस्तक 'श्री जानकी' (माता सीता पर आधारित) का लोकार्पण दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया गया।

इस अवसर पर भुवनेश सिंघल द्वारा लिखित पुस्तक 'श्री जानकी' (माता सीता पर आधारित) का लोकार्पण मुख्य अतिथि  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया गया।

17 विभूतियों को मिला अटल सम्मानसमारोह की मुख्य आकर्षण रही विभिन्न क्षेत्रों की 17 विभूतियों को अटल सम्मान प्रदान करना। चयन समिति में सांसद मनोज तिवारी, पद्मश्री नलिनी-कमलिनी, गायक कुमार विशु, मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा और साहित्यकार भुवनेश सिंघल शामिल थे। देश-विदेश से आए सैकड़ों आवेदनों की जांच के बाद इनका चयन किया गया।सम्मानित व्यक्तियों की सूची इस प्रकार है:अधिवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय (दिल्ली) - अटल विद्वान शिखर सम्मान

डॉ. अमृता मसीह (कानपुर) - अटल विदुषी शिखर सम्मान

डॉ. प्रभु चन्द्र मिश्रा (बिहार) - अटल विज्ञानवेत्ता शिखर सम्मान

श्री अशोक कुमार जैन (मुंबई) - अटल सेवा शिखर सम्मान

अर्जुन अवार्डी श्री अनुज चौधरी (उत्तर प्रदेश) - अटल क्रीड़ा शिखर सम्मान

श्री राहुल चमड़िया (मूलतः असम) - अटल विभूति शिखर सम्मान

शिल्पी शर्राफ - अटल वास्तुविज्ञ शिखर सम्मान

डॉ. विनय कृष्ण (प्रयागराज) - अटल चिकित्सक शिखर सम्मान

लुप्तप्राय मोहनवीणा वादक श्री अजय पी. झा (बिहार) - अटल संगीत शिखर सम्मान

विधि शर्मा - अटल गायन शिखर सम्मान

डॉ. एस. बी. गुप्ता (कानपुर) - अटल राष्ट्रीय शिखर सम्मान

श्री पारस चपलोत (पुणे) - अटल जनसेवा शिखर सम्मान

कुचीपुड़ी नृत्यांगना डॉ. वनजा उदय (तमिलनाडु) - अटल नृत्य शिखर सम्मान

डॉ. पी. डी. गर्ग - अटल बिहारी वाजपेयी शिखर सम्मान

आईआरएस श्री एल. के. अग्रवाल - अटल भारती शिखर सम्मान

डॉ. एस. एन. चंडक - अटल बिहारी शिखर सम्मान

वेदमूर्ति श्री देवव्रत महेश रेखे (महाराष्ट्र) - अटल सांस्कृतिक शिखर सम्मान

सम्मान समारोह की अध्यक्षता सांसद मनोज तिवारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सम्मान प्रदान किए। विशिष्ट अतिथियों में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, मंत्री कपिल मिश्रा, आशीष सूद, रविंद्र इंद्राणी, सांसद प्रवीण खंडेलवाल, श्याम जाजू, विष्णु मित्तल, अजय महावर आदि शामिल थे।
सांस्कृतिक परंपरा से सम्मानसम्मान वितरण भारतीय परंपरा के अनुसार शंखनाद, मंत्रोच्चार और तिलक के साथ किया गया। प्रत्येक सम्मानित व्यक्ति को 11 विशेष वस्तुएं भेंट की गईं, जिसमें बांके बिहारी मंदिर की पुष्पमाला, श्रीफल, गणेश प्रतिमा, रत्न माला, वैष्णो देवी का अंग वस्त्र, रामचरितमानस, रुद्राक्ष, श्री जानकी पुस्तक, प्रतीकात्मक कटार, तिरुपति बालाजी प्रसाद और सम्मान पत्र शामिल थे।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अटल जी की विचारधारा को सांस्कृतिक तरीके से जीवंत रखना और बारह वर्षों से निरंतर यह आयोजन करना प्रशंसनीय है। सांसद मनोज तिवारी ने आयोजन के सांस्कृतिक पक्ष की सराहना की।यह आयोजन अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और अटल जी की स्मृति को जीवंत रखने का एक अनूठा प्रयास है।



 

 

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