प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर पोंगल 2026 का उत्सव मनाया – एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का क्षण

 

14 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन के घर पर पोंगल (Pongal) त्योहार की धूमधाम से भागीदारी की। यह आयोजन तमिल संस्कृति की जीवंतता, किसानों की मेहनत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद पोंगल पूजा में हिस्सा लिया, गायों को चारा खिलाया और पारंपरिक रस्में निभाईं।
पोंगल तमिलनाडु का प्रमुख फसल उत्सव है, जो मकर संक्रांति के अवसर पर मनाया जाता है। यह त्योहार किसानों के परिश्रम और अच्छी फसल के प्रति आभार व्यक्त करता है। पोंगल चार दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन भोगी पोंगल पर लोग पुरानी और बेकार वस्तुओं को जलाकर नई शुरुआत करते हैं। दूसरे दिन सूर्य पोंगल या मुख्य पोंगल मनाया जाता है, जिसमें चावल, दाल और गुड़ से 'पोंगल' नामक व्यंजन बनाया जाता है और सूर्य देव को अर्पित किया जाता है। तीसरे दिन मट्टू पोंगल पर पशुओं, विशेष रूप से गाय और बैलों की पूजा की जाती है क्योंकि वे खेती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंतिम दिन कानुम पोंगल परिवार और मित्रों के साथ मिलन और आनंद का होता है। पोंगल केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि यह प्रकृति, पशु और मानव के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।
यह त्योहार किसानों की कड़ी मेहनत, सूर्य देवता और धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोंगल अब एक वैश्विक उत्सव बन चुका है, जिसे दुनिया भर में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति प्रेमी बड़े उत्साह से मनाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयोजन को संबोधित करते हुए कहा कि पोंगल हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने का महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह पर्व किसानों की अथक मेहनत का उत्सव है और धरती सूर्य के प्रति हमारी गहरी कृतज्ञता को प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि तमिल संस्कृति केवल भारत की ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा धरोहर है, जिस पर सभी को गर्व होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी подчерк किया कि पोंगल जैसे त्योहारएक भारत, श्रेष्ठ भारतकी भावना को और अधिक सशक्त बनाते हैं तथा देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करते हैं।
आयोजन की खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारंपरिक विधि से पोंगल बनवाया और पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। इस अवसर को और यादगार बनाने के लिएपरासक्तिफिल्म की टीम के सदस्य, जिनमें शिवकुमार्थिकेयन और रवि मोहन प्रमुख रहे, भी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान थिरुवासगम का पवित्र पाठ किया गया और तमिल संस्कृति से जुड़े विविध रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति को तमिल समुदाय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक बताते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण करार दिया।
यह आयोजन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले तमिल समुदाय तक पहुंच बनाने का प्रयास माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पिछले कई वर्षों से विभिन्न मंत्रियों के घरों पर पोंगल मनाकर सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा दे रहे हैं।नरेंद्र मोदी का यह कदम दिखाता है कि कैसे भारतीय संस्कृति की विविधता को सम्मान देते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है।

 

 

 

 

 

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