नई
दिल्ली, 26 जनवरी 2026: भारत ने आज अपने
77वें गणतंत्र दिवस को भव्यता और
गर्व के साथ मनाया।
कर्तव्य पथ पर आयोजित
रिपब्लिक डे परेड में
देश की सैन्य शक्ति,
सांस्कृतिक विरासत और एकता का
अद्भुत संगम देखने को मिला। इस
साल की परेड की
थीम 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पर आधारित रही,
जिसने पूरे समारोह को देशभक्ति की
भावना से सराबोर कर
दिया।परेड
की शुरुआत ही वंदे मातरम्
की धुन से हुई। ढोल-शहनाई की मधुर ध्वनि
के साथ हजारों कलाकारों ने 'वंदे मातरम्' गाया, जिसकी गूंज कर्तव्य पथ से लेकर
पूरे देश तक पहुंच गई।
देशभर से आए लगभग
2500 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति
से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर
दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में
यह पल बेहद भावुक
और प्रेरणादायक रहा। 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर कई झांकियों
में बैंकिम चंद्र चटर्जी और इस राष्ट्रगान
की रचना को विशेष रूप
से दर्शाया गया।
इस
परेड का सबसे चर्चित
हिस्सा रहा ऑपरेशन सिंदूर का प्रदर्शन। 2025 में
हुए इस सफल ऑपरेशन
को पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में इतने भव्य रूप में दिखाया गया। ट्राई-सर्विसेज (थल सेना, वायु
सेना और नौसेना) की
संयुक्त झांकी में ऑपरेशन सिंदूर का फ्लैग लहराया
गया।
-राफेल जेट्स
ने 'ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन' बनाया।
-ब्रह्मोस मिसाइल,
प्रहार और अन्य उन्नत
हथियारों का प्रदर्शन हुआ।
-इंटीग्रेटेड कमांड
सेंटर और फेज्ड बैटल
एरे का मॉडल दर्शाया
गया।
-वायुसेना के
सिंदूर फॉर्मेशन में राफेल, सु-30 और मिग-29 शामिल
रहे।
पूरी
दुनिया ने कर्तव्य पथ
के आसमान में गूंजती इस गर्जना को
सुना, जो भारत की
सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भरता का
प्रतीक बनी।
परेड
की अन्य खास झलकियों में 30 झांकियां शामिल थीं, जिनमें 17 राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों/विभागों ने 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे
मातरम्' और 'समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर
भारत' का प्रदर्शन किया।
इस दौरान, यूरोपीय संघ के नेताओं की
मौजूदगी ने भारत और
EU के बीच संबंधों को और मजबूत
किया। परेड में नई तकनीकों का
भी प्रदर्शन हुआ, जिसमें ड्रोन शक्ति, डिव्यास्त्र, शक्तिबान जैसे नए हथियारों का
पहली बार उपयोग किया गया। इसके अलावा, राफेल जेट्स ने विजय और
वज्रांग फॉर्मेशन में शानदार फ्लाईपास्ट कर दर्शकों का
मन मोहा।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को
संबोधित करते हुए कहा कि यह परेड
सिर्फ एक आयोजन नहीं,
बल्कि भारत की एकजुटता, शक्ति
और संस्कृति का जीता-जागता
प्रमाण है।ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और
वंदे मातरम् की अमर गूंज
ने आज पूरे विश्व
को भारत की नई तस्वीर
दिखाई – एक ऐसा भारत
जो अपनी जड़ों से जुड़ा है
और भविष्य की चुनौतियों के
लिए तैयार है।