दरियागंज, सेंट्रल दिल्ली से विशेष रिपोर्ट
आज
के तेज़ रफ्तार युग में, जहाँ हर व्यक्ति अपने
स्वार्थ और प्रतिस्पर्धा की
दौड़ में आगे निकलने की कोशिश कर
रहा है, वहीं कुछ संस्थाएँ ऐसी भी हैं जो
निःस्वार्थ भाव से समाज के
सबसे ज़रूरतमंद वर्ग के लिए आशा
की किरण बनकर खड़ी हैं। HAPPY HOURS STUDENT
AND SOCIAL & WELFARE EVENT GROUP उन्हीं
प्रेरणादायक संगठनों में से एक है,
जो मानवता, करुणा और सेवा को
अपना मूल मंत्र मानकर निरंतर सामाजिक उत्थान के लिए कार्य
कर रहा है। दरियागंज, सेंट्रल दिल्ली से संचालित यह
सरकारी पंजीकृत NGO (55499) विशेष रूप से दिव्यांगजनों, नेत्रहीन
विद्यार्थियों, शारीरिक रूप से चुनौतीग्रस्त व्यक्तियों
तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में
सराहनीय योगदान दे रहा है।
सेवा की
नींव:
अशोक
जी
और
सीमा
जी
का
समर्पण
इस
संस्था की आत्मा हैं
श्री अशोक जी और सीमा जी, जिनके संयुक्त प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवीय सोच
ने HAPPY HOURS NGO को एक सशक्त
सामाजिक आंदोलन का रूप दिया।
उनका मानना है कि —“समाज तभी आगे बढ़ता है, जब सबसे पीछे
खड़े व्यक्ति का हाथ थामकर
उसे साथ चलाया जाए। उनका यह विचार केवल
शब्दों तक सीमित नहीं
है, बल्कि हर दिन ज़मीनी
स्तर पर किए गए
कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता
है।
-नेत्रहीन
विद्यार्थियों के लिए एक
बड़ा सपना – 100 कमरों का हॉस्टल
-HAPPY HOURS NGO का सबसे महत्त्वाकांक्षी
और मानवता से जुड़ा लक्ष्य
है —
-नेत्रहीन
छात्र-छात्राओं के लिए अत्याधुनिक
सुविधाओं से युक्त 100 कमरों
का हॉस्टल निर्माण।
यह
हॉस्टल केवल एक इमारत नहीं
होगा, बल्कि उन बच्चों के
लिए एक सुरक्षित भविष्य,
आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का
प्रतीक बनेगा। इसमें सुरक्षित आवास व्यवस्था, अध्ययन कक्ष एवं ब्रेल लाइब्रेरी, कंप्यूटर एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर, पौष्टिक भोजन सुविधा, चिकित्सा सहायता, खेल व सांस्कृतिक गतिविधियाँ
जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि नेत्रहीन विद्यार्थी भी अपने सपनों
को बिना किसी बाधा के उड़ान दे
सकें।
जैसा
कि एक महान विचार
कहता है — “ ईश्वर ने यदि हमें
दृष्टि दी है, तो
उसका सबसे सुंदर धन्यवाद यही है कि हम
अंधकार में जी रहे किसी
व्यक्ति का हाथ थाम
लें।”
धार्मिक आस्था
के
साथ
सेवा
का
संगम:
श्री
खाटू
श्याम
यात्रा
HAPPY HOURS NGO न केवल सामाजिक
सेवा करता है, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामूहिक एकता
को भी बढ़ावा देता
है। इसी उद्देश्य से संस्था द्वारा
5 दिसंबर 2025 से 10 दिसंबर 2025 तक श्री खाटू
श्याम जी विशेष यात्रा
कार्यक्रम आयोजित की गई थी।
जिसमें कुल अवधि पांच दिन था। यात्रा का स्थल श्री
खाटू श्याम मंदिर, श्री श्याम कुंड, श्री जीणा माता मंदिर, भैरव मंदिर रिंगस, पहाड़ी वाला शिव मंदिर और सालासार धाम
था । यह यात्रा
केवल एक धार्मिक भ्रमण
ही नहीं है, बल्कि सेवा, सद्भाव और सामूहिक विश्वास
का उत्सव भी है। यात्रा
व्यवस्था में 50 यात्रियों के लिए बस
और आवास की सुविधा, नाश्ता,
दोपहर एवं रात्रि भोजन, पानी, प्राथमिक चिकित्सा और स्थानीय परिवहन
की व्यवस्था भी की गई
थी ।
नेत्रहीनता: कमजोरी
नहीं,
एक
अलग
सामर्थ्य
अक्सर
समाज नेत्रहीनता को कमजोरी समझ
लेता है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अलग है। दृष्टिहीन व्यक्ति अद्भुत साहस, आत्मबल और संकल्प के
साथ उस दुनिया में
आगे बढ़ते हैं जो मुख्यतः देखने
वालों के लिए बनी
होती है। वे शिक्षा प्राप्त
करते हैं, करियर बनाते हैं, दैनिक जीवन की चुनौतियों को
पार करते हैं और यह सिद्ध
करते हैं कि -“ असली दृष्टि आँखों में नहीं, आत्मा में होती है। जैसा कहा गया है -“Kindness is a
language which the deaf can hear and the blind can see.”दयालुता ही
वह भाषा है, जिसे हर हृदय समझ
सकता है।
महात्मा
गांधी के शब्द आज
भी उतने ही प्रासंगिक हैं
-“आँख के बदले आँख
पूरी दुनिया को अंधा बना
देती है।”
आज
आवश्यकता है करुणा की,
सहयोग की और समान
अवसर की। जब तक शिक्षा
रंग नहीं देखती, कानून जाति नहीं देखता और अवसर भेदभाव
नहीं करता -तब तक वास्तविक
समानता संभव नहीं।
HAPPY HOURS NGO आप सभी से
आह्वान करता है कि आप
हमारे साथ जुड़ें, दान करें, स्वयंसेवक बनें और इस सेवा
आंदोलन का हिस्सा बनें।
आपका छोटा सा सहयोग किसी
नेत्रहीन बच्चे की पूरी जिंदगी
को रोशन कर सकता है
और उसे आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकता है।
याद रखें, डर से बचना
सुरक्षित नहीं होता, बल्कि साहस ही जीवन को
सही दिशा देता है। आइए, मिलकर समाज में बदलाव लाएं और सेवा का
यह मिशन सफल बनाएं।
HAPPY HOURS STUDENT AND SOCIAL
& WELFARE EVENT GROUP केवल
एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता की धड़कन है।
यह उन लोगों की
आवाज़ है, जिन्हें समाज अक्सर अनसुना कर देता है।
वा
ही सच्चा धर्म है, और मानवता ही
सबसे बड़ा उत्सव।
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