राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026: विज्ञान में महिलाओं की शक्ति और नेतृत्व का उत्सव

 

लेखक - डॉ. मुरली मनोहर भट्ट (लेखक हिंदी साहित्य लेखन में सक्रिय हैं तथा उत्तराखंड के राजकीय माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं।)
भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सृजन, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक माना गया है। पुराणों में कहा गया हैयत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताअर्थात जहाँ नारियों को आदर, सम्मान और अधिकार प्राप्त होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। यह शाश्वत संदेश आज के वैज्ञानिक युग में और भी प्रासंगिक हो उठा है। आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन, शिक्षण और अनुसंधान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह सिद्ध कर रही है कि नारी केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि नवाचार और प्रगति की सशक्त आधारशिला है।
प्रेरणा से उपलब्धि तक
विज्ञान की दुनिया में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण से अद्वितीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं।कल्पना चावला ने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत का नाम विश्व पटल पर अंकित किया। टेसी थामस ने रक्षा अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान देकरमिसाइल वुमनके रूप में पहचान बनाई।
मैरी क्यूरी का योगदान, साथ ही अंतरिक्ष वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स का जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि समर्पण और साहस से विज्ञान के नए आयाम गढ़े जा सकते हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में महिला वैज्ञानिकों की सक्रिय भूमिका भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रही है।
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि विज्ञान की उपलब्धियों में महिलाओं का अप्रतिम योगदान राष्ट्र की प्रगति का द्योतक है।विज्ञान का देवत्व और नारी शक्ति
जब महिलाएँ अध्ययन, शिक्षण और अनुसंधान में समर्पित कार्यशैली के साथ आगे बढ़ती हैं, तब विज्ञान का देवत्वयथार्थ रूप में प्रकट होता है। प्रयोगशालाओं से लेकर अंतरिक्ष अभियानों तक, चिकित्सा से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक हर क्षेत्र में उनका योगदान समाज को नई दिशा दे रहा है।
वर्तमान समय में आवश्यक है कि हम बालिकाओं को विज्ञान शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें, समान अवसर प्रदान करें और शोध नवाचार के क्षेत्र में उनकी भागीदारी को सशक्त बनाएँ। यही सच्चे अर्थों में उस सांस्कृतिक आदर्श की पुनर्स्थापना होगी, जिसमें नारी सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
 राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की यह थीम हमें स्मरण कराती है कि विज्ञान और नारी शक्ति का समन्वय ही समग्र विकास का आधार है। जहाँ नारी को सम्मान, अवसर और अधिकार मिलता है, वहाँ ज्ञान, प्रगति और समृद्धि स्वतः पल्लवित होते हैं। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को बहुत बहुत हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं,ईश्वर से कामना हमारा देश भारत विज्ञान में विश्व में शिरोमणी बने।

 

 

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