नीतीश राजपूत पर 2.5 करोड़ का केस! SSC कंपनी ने क्यों ठोका मानहानि मुकदमा

 

 SSC परीक्षा कराने वाली कंपनी ने ठोका 2.5 करोड़ का मुकदमापूरी खबरबड़ी खबरफेमस यूट्यूबर नीतीश राजपूत अब कानूनी विवाद में घिर गए हैं। SSC (Staff Selection Commission) परीक्षाओं को आयोजित करने वाली कंपनी Eduquity Technologies Pvt. Ltd. ने उनके खिलाफ दिल्ली की अदालत में 2.5 करोड़ रुपये का मानहानि (Defamation) मुकदमा दायर किया है।
क्या है पूरा मामला? नीतीश राजपूत ने हाल ही में एक वायरल वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने RTI (Right to Information) से मिली जानकारी, सरकारी दस्तावेजों और पब्लिक रिकॉर्ड्स के आधार पर SSC की टेंडर प्रक्रिया और एग्जाम वेंडर चुनने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए थे। टेंडर की शर्तों में किए गए बदलावों पर गहराई से विचार करना आवश्यक है, क्योंकि यह प्रक्रिया किसी भी संविदा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित कर सकती है। मुख्य सवाल यह है कि ये परिवर्तन किस कारण से और किसके हित में किए गए। इसके अलावा, वेंडर के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या पर्याप्त कदम उठाए गए थे? जैसे Eduquity जैसे वेंडरों का चयन किस प्रक्रिया के तहत हुआ और क्या इसमें पूरी तरह से निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाया गया? यदि इस तरह के प्रश्नों का सही जवाब नहीं मिलता है, तो यह संभावना बढ़ जाती है कि इससे बड़ी परीक्षाओं की ईमानदारी और पारदर्शिता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। असामान्य प्रथाओं और अस्पष्ट प्रक्रियाओं के चलते परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर अबाधित प्रश्नचिन्ह लग सकता है, जो अंततः छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। यह वीडियो SSC एस्पिरेंट्स (सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं) में खूब वायरल हुआ, क्योंकि SSC एग्जाम में पहले से ही टेक्निकल गड़बड़ी, पेपर लीक जैसी शिकायतें आम हैं।
Eduquity Technologies ने यह दावा किया है कि नीतीश राजपूत के वीडियो में प्रस्तुत जानकारी भ्रामक और गलत है, जिससे कंपनी की साख और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा है। कंपनी ने न्यायालय से 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है और साथ ही वीडियो को यूट्यूब अन्य प्लेटफार्मों से तत्परता से हटाने का आदेश भी देने की अपील की है। यह कदम कंपनी की छवि को बनाए रखने और अपने महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करने के लिए उठाया गया है। नीतीश राजपूत का रुख अब तक विवादित वीडियो को हटाने से इनकार करने के केंद्र में है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका पूरा कंटेंट दस्तावेजां और सूचना के अधिकार (RTI) पर आधारित है। उनका दिशा-निर्देश SSC एस्पिरेंट्स की लंबे समय से चली रही समस्याओं और शिकायतों को उजागर करता है, जिनका सामना छात्र अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान करते रहे हैं। नीतीश का यह video उन युवाओं की आवाज़ को कायम रखने का एक प्रयास है, जो प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। नीतीश राजपूत एक प्रसिद्ध यूट्यूबर हैं, जो उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से संबंध रखते हैं। उनका जन्म 4 अक्टूबर 1989 को हुआ। उन्होंने अपनी शिक्षा Gautam Buddha University से B.Tech (IT) में पूरी की। नीतीश सामाजिक, राजनीतिक और गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों पर रिसर्च-बेस्ड एक्सप्लेनर वीडियो बनाते हैं, जिन्हें यूट्यूब पर फैला कर उन्होंने व्यापक दर्शकों तक पहुंच बनाई है। उनके कई वीडियो, जैसे कि ओडिशा ट्रेन हादसा और आर्यन खान केस, करोड़ों व्यूज प्राप्त कर चुके हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता और प्रभाव बढ़ा है। यह मामला अभी दिल्ली कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट यह फैसला करेगा कि वीडियो हटाया जाए या नहीं, और केस आगे कैसे बढ़ेगा।SSC एस्पिरेंट्स के बीच इस खबर से काफी चर्चा हैकई लोग इसे सिस्टम की कमियों पर सवाल उठाने के खिलाफ कार्रवाई मान रहे हैं।

 

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