नोएडा, उत्तर प्रदेश
Udyam Setu Services (Vayamsetu OPC Private
Limited) ने खुद को “स्टार्टअप्स और MSME को सशक्त बनाने वाली” कंपनी बताकर इंस्टाग्राम पर भारी प्रमोशन चलाया। लेकिन अब कई पीड़ितों के मुताबिक ये कंपनी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूल रही है और फिर गायब हो जा रही है। ये कंपनी नोएडा के सेक्टर 62 स्थित Tower A, Ithum Heights, A-314, Electronic City, Block A, Industrial
Area में यह कंपनी संचालित बताई जा रही है। पीड़ित का केहेना है कि ऐसी कंपनियों की कारवाही हो ना चाहिए। पीड़ित का अनुसार, यह कंपनी करीब 1 से 1.5 साल से एक्टिव है और इसी दौरान कई लोगों को अपने जाल में फंसा चुकी है। ऐसी कंपनियों की सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। कंपनी का इंस्टाग्राम पेज “Udyamsetu Services Official” पर लिखा है – “Empowering Startups and MSMEs
through Startup Funding, Government Schemes, Investor Opportunities, Udyam,
GST, FSSAI रजिस्ट्रेशन, DPR, Pitch Deck और बैंक लोन अप्रूवल”। लेकिन पीड़ित बताते हैं कि Business Development Manager हृतिक शर्मा और Md. Shadab लोन दिलवाने का झांसा देकर पैसे ले लेते हैं और फिर कोई जवाब नहीं देते।एक पीड़ित बलवंत कुमार का खुलासा है की उनकी ngo के लिए
ने कंपनी से लोन प्रोसेसिंग के लिए ₹35,400 दिए थे। तीन-चार महीने हो गए, न लोन मिला, न पैसे वापस, न फोन उठाया जा रहा है। बलवंत कुमार ने बताया,“पैसे लेने के बाद इन लोगों ने फोन तक नहीं उठाया। न कोई बिल दिया, न कोई अकाउंटिंग। पीड़ित का अनुसार,NGO से भी पैसे लिए गए, लेकिन कोई सर्विस नहीं दी गई।“लोन दिलवाने का वादा करके पैसे लेती है और फिर “कोई फोन नहीं, कोई रिसीव नहीं। कंपनी के CEO Sumit और उनकी पूरी टीम पर आरोप है कि वो सिर्फ पैसे कमाने के लिए यह खेल खेल रहे हैं। पीड़ित लोगों का कहना है कि इस तरह की कंपनियां पहले भरोसा जीतती हैं, फिर लोन या फंडिंग दिलाने के नाम पर पैसे लेती हैं और बाद में संपर्क तोड़ देती हैं। सबसे बड़ा नुकसान
नए स्टार्टअप शुरू करने वाले लोगों का भविष्य प्रभावित होता है। जो लोग लोन लेकर अपना बिजनेस खड़ा करना चाहते हैं, उनका सपना टूट जाता है। एक बार धोखा खाने के बाद उनका आत्मविश्वास गिर जाता है। ऐसे लोग खुद को “गवर्नमेंट से जुड़े एजेंट” बताकर भरोसा दिलाते हैं, फिर प्रोसेसिंग या सर्विस फीस के नाम पर पैसे लेते है और उसके बाद अचानक गायब हो जाते हैं। ऐसी कंपनियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की ठगी का शिकार न बने। सावधान रहें — जांच करें, फिर ही भुगतान करें।
