पत्रकारों की आवाज दबाने की कोशिश?
प्रिया मगरराती एक सक्रिय पत्रकार हैं जो विभिन्न मुद्दों पर रिपोर्टिंग करती हैं।6 साल पहले की छोटा सा पेमेंट माग ने में राजन धामी धमकी गाली गलौच और बिस्तर गरम करने वाली पे उतर आया । लेकिन एक मजदूर द्वारा इस तरह की बेहद घटिया और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल पूरे पत्रकार समुदाय का अपमान है। पत्रकार प्रिया जी ने कल पुलिस को fir करके पुलिस स्टेशन पे धामी को बोलवा ने की अपील कि या है और मान हानि आपत्ति जनक शब्द बोल के जो अपमान किया है प्रूफ मागा है। और पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी की माग की हैं । पीड़ित पत्रकार प्रिया मगरराती ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। नागरिकों की मांग है कि रजन धामी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मानहानि, महिला सम्मान का अपमान तथा धमकी के आरोप में सख्त सजा दी जाए।आपकी राय क्या है?
