कृति
का रौद्र रूप देखकर हर कोई दहल
उठा। इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य
(Sunda Strait) में स्थित अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी का एक बेहद
करीब से लिया गया
खौफनाक दृश्य वायरल हो रहा है।
लगातार विस्फोट, लावा के फव्वारे और
जोरदार धमाकों की आवाजें आसपास
के इलाकों में गूंज रही हैं। अधिकारियों
के अनुसार यह ज्वालामुखी जुलाई
से सक्रिय है। शुक्रवार देर रात से इसमें लगातार
विस्फोट हो रहे थे।
लगभग 25 घंटे तक चले निरंतर
विस्फोट के दौरान राख
के गुबार 15,000 मीटर (लगभग 50,000 फीट) की ऊंचाई तक
पहुंच गए। जावा की ओर राख
करीब 6,000 मीटर तक और सुमात्रा
की ओर तथा बातेन
प्रांत के कुछ हिस्सों
में इससे भी ऊंचाई तक
फैली।रविवार को हुए विस्फोट
के बाद आसपास के क्षेत्रों में
भूकंप जैसे हालात बन गए। लावा
के फव्वारे और जोरदार धमाके
लगातार सुनाई देते रहे।हवाई सेवाओं
पर
बड़ा
असर
:
एहतियात
के तौर पर 8 हवाई अड्डों पर उड़ानें अस्थायी
रूप से रोक दी
गईं। सबसे पहले रविवार सुबह जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद किया
गया, क्योंकि एयरस्पेस में ज्वालामुखी की राख पाई
गई। इसके अलावा बांडुंग, लैंपung और अन्य हवाई
अड्डे भी प्रभावित हुए।विभिन्न
रिपोर्ट्स के अनुसार सैकड़ों
से लेकर 2,300 से अधिक उड़ानें
रद्द या प्रभावित हुईं,
जिससे 1.7 लाख से 2.7 लाख यात्री प्रभावित हुए। सिंगापुर, दोहा, सिडनी, कुआलालंपुर जैसी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रद्द हुईं।
अधिकारियों ने एयरलाइंस से
यात्रियों को रिफंड और
वैकल्पिक व्यवस्था जल्दी करने को कहा है।किसी
के हताहत होने की खबर नहीं
है।
नाक
क्राकाटोआ इंडोनेशिया में दूसरा सबसे हाई अलर्ट (लेवल III) वाला ज्वालामुखी है। 2018 में इसी ज्वालामुखी के विस्फोट से
आई सुनामी में करीब 430 लोगों की जान गई
थी। मौजूदा स्थिति में सुनामी का तत्काल खतरा
नहीं बताया जा रहा है,
लेकिन अधिकारियों का कहना है
कि बड़ा विस्फोट हो सकता है
या नहीं, यह अभी कहना
मुश्किल है।भूवैज्ञानिक एजेंसी ने लोगों, पर्यटकों
और पर्वतारोहियों को सक्रिय क्रेटर
से कम से कम
3 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी
है। स्कूलों में कुछ जगहों पर गतिविधियां ऑनलाइन
कर दी गईं और
मछुआरों ने भी सुरक्षा
के चलते समुद्र में जाना बंद कर दिया।
5 घंटे का
निरंतर विस्फोट एपिसोड समाप्त हो चुका है
और गतिविधि स्ट्रॉम्बोलियन प्रकार में लौट आई है, फिर
भी आगे विस्फोट की संभावना बनी
हुई है। निगरानी जारी है।यह घटना इंडोनेशिया की “रिंग ऑफ फायर” स्थिति को एक बार
फिर याद दिलाती है, जहां ज्वालामुखीय गतिविधि आम है। स्थानीय
प्रशासन और मौसम विज्ञान
एजेंसी BMKG लगातार अपडेट दे रही हैं।