राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर तहसील इलाके में एक लड़का रहता है। ये लड़का अपनी ज़िंदगी से काफी दिनों से परेशान है। बदहवास हैं, खोया खोया रहता है, काफी दिनों से परेशान चल रहा है, लेकिन आज इस ने यह फैसला कर लिया था कि यह अपनी जिंदगी को आज हमेशा हमेशा के लिए खत्म कर देगा। यह अपने कमरे में जाता है, आत्महत्या करने का प्रयास करता है, तभी इसकी माँ और पापा आ जाते हैं। इसके माता पिता तुरंत इसे आत्महत्या करने से रोकते हैं और वहाँ पर बैठकर इससे पूछने की कोशिश करते हैं कि आखिर ऐसा ये क्यों कर रहा है? बार बार दरअसल बार बार इसलिए क्योंकि ये जो उसने आत्महत्या करने का प्रयास किया था, यह पहली नहीं, दूसरी नहीं ये तीसरी बार था। माँ बाप इससे अक्सर पूछते थे कि बेटा तुम्हें क्या परेशानी है, क्या दिक्कत है? लेकिन यह कुछ भी बताता नहीं था और आज तीसरी बार इसने अपनी जिंदगी को हमेशा हमेशा के लिए खत्म करने की का फैसला लिया था। लेकिन इस बार माँ बाप अपनी जिद पर अड़ गए। बोरिया बिस्तर बांधकर वहीं बैठ गए और बस इससे एक ही सवाल कर रहे थे रोते पीटते के तुम्हें बताना होगा कि आखिर तुम्हारे साथ दिक्कत क्या है? परेशानी क्या है? माँ बाप वहाँ से जाने के लिए तैयार नहीं थे। ये लड़का बताने के लिए तैयार नहीं था। जब माँ बाप की जिद हद से आगे बढ़ जाती है और ये लड़का अपने माँ बाप की जिद के आगे हार जाता है तो अपनी माँ को एक कहानी बताता है। वो कहानी जिसमें ये माँ को कहानी बता रहा था लेकिन जो कहानी ये बता रहा था उस कहानी में एक महिला लड़कियां, एक पूरा गैंग इस लड़के के साथ गलत कर रहा था। इसके साथ गलत हुआ था और इसे मरने तक के लिए मजबूर किया गया था। हमारे समाज में जिन की प्रताड़ना को लेकर हम खबरें बनाते हैं, हम खड़े होते हैं। महिलाओं के लिए आज महिलाओं को लेकर भी ऐसी खबरें आ रही है जहाँ कंधे से कंधा मिलाकर वो लोगों के मर्दों के साथ चल रही है तो वहीं जुर्म में भी अब भागीदारी होती जा रही है। इस कहानी को सुनने के बाद माँ के पिता के होश उड़ गए थे। इसके बाद वह तुरंत थाने पहुंचते हैं। थाने पहुंचने के बाद पुलिस को इस बात की जानकारी दी जाती है। पुलिस भी वाकई इस बात को सुनकर सतके में आ जाती है कि किस तरीके के अपराध आजकल लोग कर रहे हैं और वो भी एक सभ्य समाज जिससे अपना सम्मान जोड़कर चलता है। लड़कियों से, महिलाओं से ये उनके द्वारा किया जा रहा था। इस लड़के के साथ और ना जाने ऐसा कितने लड़कों के साथ किया गया था। बहरहाल पुलिस इस मामले को सुनने के बाद गंभीरता से लेती हैं। साइबर पुलिस की मदद लेती है। और इसके बाद एक लड़की जिसपर शक के आधार पर सबूतों के आधार पर तथ्यों के आधार पर इस लड़की तक पहुंचा जाता है, ये दिल्ली की रहने वाली थी। इसका नाम आंचल शर्मा है और इसके पिता दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक अच्छे पद पर कार्यरत है। क्योंकि सारे जो तथ्य थे वो इसकी ओर इशारा कर रहे थे। इसे हिरासत में लेकर उससे पूछ्ताछ की जाती है। तब यह लड़की बताती हैं कि आखिर ऐसा ये लेडी गैंग क्या कर रही थी जिससे इस लड़के ने तीन बार मारने का प्रयास किया था और यह पहला नहीं था। ना जाने ऐसे कितना कितने लड़कों के साथ इन्होंने ये सब किया था। इसके बाद ये लड़की बताती हैं कि दरअसल यह दिल्ली में रहती है, वहीं पर पढ़ाई करती है। पिताजी दिल्ली यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं अच्छे पद पर। लेकिन चार पांच महीने पहले से इस कहानी की शुरुआत होती है और इस कहानी में आंचल की मुलाकात एक लड़की से होती है जिसका नाम नेहा भट्ट होता है। नेहा भट्ट और लड़कियों से अलग थी। दरअसल उस के अलग होने का कारण था उसका पैसा। वो महंगे शौक किया करती, अच्छी अच्छी जगह घूमने जाया करती, लोगों पर अपना रौब झाड़ते और इसी आप झाड़ने के साथ उसके आस पास खूब लड़कियों की लड़कों की लाइन लगी रहती और वो इसी से अपना बनाया करती। 1 दिन इस आंचल की स्नेहा से दोस्ती हो जाती है। आंचल और नेहा देखते ही देखते अच्छे दोस्त बन जाते हैं। 1 दिन बातों बातों में आ चलने यहाँ से पूछ बैठती है कि तुम भी तो मिडल क्लास से हो तो तुम इतना पैसा कैसे खर्च कर पाती हो? तुम इतने महंगे शौक कैसे कर पाती हो जो चाहे वो कैसे खा पाती हो? जहाँ चाहें वहाँ कैसे जा पाती हो? नेहा उससे कहती है कि उसके पास एक ऐसा तरीका है ऐसा तरीका है जो न सिर्फ हर एक शौक को पूरा कर सकता है बल्कि किसी की भी जिंदगी में बहार ला सकता है। जहाँ चाहे वो जा सकता है जो चाहे वो कर सकता है। इसके बाद आंचल उसने हाँ से वो तरीका पूछती है तो नेहा आंचल को अपने साथ लेकर जाती है और फिर उस तरीके की शुरुआत होती है। दरअसल, आंचल के मुताबिक यह तरीका कुछ इस तरीके से काम किया करता था। सबसे पहले सोशल मीडिया पर कुछ फर्जी अकाउंट बनाए जाते। फर्जी अकाउंट के बाद कुछ ऐसे लोगों को लड़कों को ढूंढा जाता जो दूर दराज गांव खेड़े इलाकों में रहे। हाँ करते छोटे शहरों में रहा करते फिर उनको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाए करती और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के बाद उनसे दोस्ती करी की जाती उनको दिल्ली खुद को दिल्ली की लड़की बताकर क्योंकि वो दिल्ली ही रहा करती थी अपने फोटो आइडी विडीओ लगाकर, लेकिन नाम और पहचान फर्जी हुआ करती, जिसके बाद उनसे दोस्ती की जाती है। दोस्ती करने के बाद उनसे धीरे धीरे दोस्ती बढ़ाई जाती। चैट के बाद ऑडियो कॉल की जाती और ऑडियो कॉल पर अश्लील बातें की जाती। इसके बाद वीडियो कॉल की जाती है और वीडियो कॉल पर भी अश्लील तरीके की हरकतें की जाती है और जीस वक्त अश्लील हरकतें करते वक्त सामने वाले लड़के का चेहरा दिख रहा है। लेकिन लड़की का चेहरा छुप जाता या किसी तरीके से छुपाया जाता उस वक्त इस ऑडियो को विडिओ को रेकोर्ड कर लिया जाता। लेकिन अब तक इस लड़के को कुछ खास पता नहीं होता। लेकिन इसके बाद इस ऑडियो वीडियो कॉल की अश्लील बातों के आधार पर फिर से कॉल की जाती और एक कॉल के चार से ₹5000 चार्ज किए जाते हैं। यहाँ पर अश्लील बातें करने के और ब्लैकमेल करने के बाद ₹5000 पर कॉल चार्ज किए जाते इस तरीके से इस सिलसिला चलाकर था, लेकिन मामला सिर्फ यहीं नहीं थमता था। इसके बाद सामने वाले व्यक्ति का फ़ोन हैक कर लिया जाता। इसका इन्सटा, फेसबुक और सारी चीज़ फ़ोन की हैक कर ली जाती। फ़ोन में घुसकर सारे फोटो ले लिए जाते। उसके बाद एक नया खेल शुरुआत होता जिसमें इसके आइडी पर इसके परिचितों के सामने उन फोटोज को वीडिओज़ को डाला जाता भद्दे कमेंट किए जाते हैं। जो रिकॉर्डिंग सेव की गई थी उनको सबको दिखाया जाता है। फ़ोन से नंबर लेकर सारे रिश्तेदारों को भेजा जाता और इसके बाद असल ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू होता जब वह विडिओ कॉल रिकॉर्डिंग, ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग, फोटोस निकालकर एडिट करके भद्दे कमेंट करना, चीजों को किस तरीके की अश्लील बातें उस में की गई? उसको किसी और तरीके से मोड़कर सामने वाले के रिश्तेदारों को भेजा जाता है और उसके बाद असली डिमांड की जाती बहुत अच्छी खासी रकम की पैसे हटने के लिए और बहुत अच्छा खासा पैसा डिमांड किया जाता। एक के बाद एक चीजें मांगी जाती और सामने वाला चाहे अपना घर परिवार सब बेच कर दे रहा हो, लेकिन सामने वाली लड़कियों को लेडी गैंग को जो अलग अलग लड़कों को छोटे शहर गांव में रहने वालों को फ़ोन किया करती, बस उन्हें पे अच्छे से मतलब होता और एक के बाद एक पैसे लिए जाते। अगर पैसे नहीं दिए जाने पर उस लड़के से जिसका जो कि दरअसल चूरू का रहने वाला था और जिसका नाम जावेद खान था, उससे भी ये कहा गया l
राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर तहसील इलाके में एक लड़का रहता है। ये लड़का अपनी ज़िंदगी से काफी दिनों से परेशान है। बदहवास हैं, खोया खोया रहता है, काफी दिनों से परेशान चल रहा है, लेकिन आज इस ने यह फैसला कर लिया था कि यह अपनी जिंदगी को आज हमेशा हमेशा के लिए खत्म कर देगा। यह अपने कमरे में जाता है, आत्महत्या करने का प्रयास करता है, तभी इसकी माँ और पापा आ जाते हैं। इसके माता पिता तुरंत इसे आत्महत्या करने से रोकते हैं और वहाँ पर बैठकर इससे पूछने की कोशिश करते हैं कि आखिर ऐसा ये क्यों कर रहा है? बार बार दरअसल बार बार इसलिए क्योंकि ये जो उसने आत्महत्या करने का प्रयास किया था, यह पहली नहीं, दूसरी नहीं ये तीसरी बार था। माँ बाप इससे अक्सर पूछते थे कि बेटा तुम्हें क्या परेशानी है, क्या दिक्कत है? लेकिन यह कुछ भी बताता नहीं था और आज तीसरी बार इसने अपनी जिंदगी को हमेशा हमेशा के लिए खत्म करने की का फैसला लिया था। लेकिन इस बार माँ बाप अपनी जिद पर अड़ गए। बोरिया बिस्तर बांधकर वहीं बैठ गए और बस इससे एक ही सवाल कर रहे थे रोते पीटते के तुम्हें बताना होगा कि आखिर तुम्हारे साथ दिक्कत क्या है? परेशानी क्या है? माँ बाप वहाँ से जाने के लिए तैयार नहीं थे। ये लड़का बताने के लिए तैयार नहीं था। जब माँ बाप की जिद हद से आगे बढ़ जाती है और ये लड़का अपने माँ बाप की जिद के आगे हार जाता है तो अपनी माँ को एक कहानी बताता है। वो कहानी जिसमें ये माँ को कहानी बता रहा था लेकिन जो कहानी ये बता रहा था उस कहानी में एक महिला लड़कियां, एक पूरा गैंग इस लड़के के साथ गलत कर रहा था। इसके साथ गलत हुआ था और इसे मरने तक के लिए मजबूर किया गया था। हमारे समाज में जिन की प्रताड़ना को लेकर हम खबरें बनाते हैं, हम खड़े होते हैं। महिलाओं के लिए आज महिलाओं को लेकर भी ऐसी खबरें आ रही है जहाँ कंधे से कंधा मिलाकर वो लोगों के मर्दों के साथ चल रही है तो वहीं जुर्म में भी अब भागीदारी होती जा रही है। इस कहानी को सुनने के बाद माँ के पिता के होश उड़ गए थे। इसके बाद वह तुरंत थाने पहुंचते हैं। थाने पहुंचने के बाद पुलिस को इस बात की जानकारी दी जाती है। पुलिस भी वाकई इस बात को सुनकर सतके में आ जाती है कि किस तरीके के अपराध आजकल लोग कर रहे हैं और वो भी एक सभ्य समाज जिससे अपना सम्मान जोड़कर चलता है। लड़कियों से, महिलाओं से ये उनके द्वारा किया जा रहा था। इस लड़के के साथ और ना जाने ऐसा कितने लड़कों के साथ किया गया था। बहरहाल पुलिस इस मामले को सुनने के बाद गंभीरता से लेती हैं। साइबर पुलिस की मदद लेती है। और इसके बाद एक लड़की जिसपर शक के आधार पर सबूतों के आधार पर तथ्यों के आधार पर इस लड़की तक पहुंचा जाता है, ये दिल्ली की रहने वाली थी। इसका नाम आंचल शर्मा है और इसके पिता दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक अच्छे पद पर कार्यरत है। क्योंकि सारे जो तथ्य थे वो इसकी ओर इशारा कर रहे थे। इसे हिरासत में लेकर उससे पूछ्ताछ की जाती है। तब यह लड़की बताती हैं कि आखिर ऐसा ये लेडी गैंग क्या कर रही थी जिससे इस लड़के ने तीन बार मारने का प्रयास किया था और यह पहला नहीं था। ना जाने ऐसे कितना कितने लड़कों के साथ इन्होंने ये सब किया था। इसके बाद ये लड़की बताती हैं कि दरअसल यह दिल्ली में रहती है, वहीं पर पढ़ाई करती है। पिताजी दिल्ली यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं अच्छे पद पर। लेकिन चार पांच महीने पहले से इस कहानी की शुरुआत होती है और इस कहानी में आंचल की मुलाकात एक लड़की से होती है जिसका नाम नेहा भट्ट होता है। नेहा भट्ट और लड़कियों से अलग थी। दरअसल उस के अलग होने का कारण था उसका पैसा। वो महंगे शौक किया करती, अच्छी अच्छी जगह घूमने जाया करती, लोगों पर अपना रौब झाड़ते और इसी आप झाड़ने के साथ उसके आस पास खूब लड़कियों की लड़कों की लाइन लगी रहती और वो इसी से अपना बनाया करती। 1 दिन इस आंचल की स्नेहा से दोस्ती हो जाती है। आंचल और नेहा देखते ही देखते अच्छे दोस्त बन जाते हैं। 1 दिन बातों बातों में आ चलने यहाँ से पूछ बैठती है कि तुम भी तो मिडल क्लास से हो तो तुम इतना पैसा कैसे खर्च कर पाती हो? तुम इतने महंगे शौक कैसे कर पाती हो जो चाहे वो कैसे खा पाती हो? जहाँ चाहें वहाँ कैसे जा पाती हो? नेहा उससे कहती है कि उसके पास एक ऐसा तरीका है ऐसा तरीका है जो न सिर्फ हर एक शौक को पूरा कर सकता है बल्कि किसी की भी जिंदगी में बहार ला सकता है। जहाँ चाहे वो जा सकता है जो चाहे वो कर सकता है। इसके बाद आंचल उसने हाँ से वो तरीका पूछती है तो नेहा आंचल को अपने साथ लेकर जाती है और फिर उस तरीके की शुरुआत होती है। दरअसल, आंचल के मुताबिक यह तरीका कुछ इस तरीके से काम किया करता था। सबसे पहले सोशल मीडिया पर कुछ फर्जी अकाउंट बनाए जाते। फर्जी अकाउंट के बाद कुछ ऐसे लोगों को लड़कों को ढूंढा जाता जो दूर दराज गांव खेड़े इलाकों में रहे। हाँ करते छोटे शहरों में रहा करते फिर उनको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाए करती और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के बाद उनसे दोस्ती करी की जाती उनको दिल्ली खुद को दिल्ली की लड़की बताकर क्योंकि वो दिल्ली ही रहा करती थी अपने फोटो आइडी विडीओ लगाकर, लेकिन नाम और पहचान फर्जी हुआ करती, जिसके बाद उनसे दोस्ती की जाती है। दोस्ती करने के बाद उनसे धीरे धीरे दोस्ती बढ़ाई जाती। चैट के बाद ऑडियो कॉल की जाती और ऑडियो कॉल पर अश्लील बातें की जाती। इसके बाद वीडियो कॉल की जाती है और वीडियो कॉल पर भी अश्लील तरीके की हरकतें की जाती है और जीस वक्त अश्लील हरकतें करते वक्त सामने वाले लड़के का चेहरा दिख रहा है। लेकिन लड़की का चेहरा छुप जाता या किसी तरीके से छुपाया जाता उस वक्त इस ऑडियो को विडिओ को रेकोर्ड कर लिया जाता। लेकिन अब तक इस लड़के को कुछ खास पता नहीं होता। लेकिन इसके बाद इस ऑडियो वीडियो कॉल की अश्लील बातों के आधार पर फिर से कॉल की जाती और एक कॉल के चार से ₹5000 चार्ज किए जाते हैं। यहाँ पर अश्लील बातें करने के और ब्लैकमेल करने के बाद ₹5000 पर कॉल चार्ज किए जाते इस तरीके से इस सिलसिला चलाकर था, लेकिन मामला सिर्फ यहीं नहीं थमता था। इसके बाद सामने वाले व्यक्ति का फ़ोन हैक कर लिया जाता। इसका इन्सटा, फेसबुक और सारी चीज़ फ़ोन की हैक कर ली जाती। फ़ोन में घुसकर सारे फोटो ले लिए जाते। उसके बाद एक नया खेल शुरुआत होता जिसमें इसके आइडी पर इसके परिचितों के सामने उन फोटोज को वीडिओज़ को डाला जाता भद्दे कमेंट किए जाते हैं। जो रिकॉर्डिंग सेव की गई थी उनको सबको दिखाया जाता है। फ़ोन से नंबर लेकर सारे रिश्तेदारों को भेजा जाता और इसके बाद असल ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू होता जब वह विडिओ कॉल रिकॉर्डिंग, ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग, फोटोस निकालकर एडिट करके भद्दे कमेंट करना, चीजों को किस तरीके की अश्लील बातें उस में की गई? उसको किसी और तरीके से मोड़कर सामने वाले के रिश्तेदारों को भेजा जाता है और उसके बाद असली डिमांड की जाती बहुत अच्छी खासी रकम की पैसे हटने के लिए और बहुत अच्छा खासा पैसा डिमांड किया जाता। एक के बाद एक चीजें मांगी जाती और सामने वाला चाहे अपना घर परिवार सब बेच कर दे रहा हो, लेकिन सामने वाली लड़कियों को लेडी गैंग को जो अलग अलग लड़कों को छोटे शहर गांव में रहने वालों को फ़ोन किया करती, बस उन्हें पे अच्छे से मतलब होता और एक के बाद एक पैसे लिए जाते। अगर पैसे नहीं दिए जाने पर उस लड़के से जिसका जो कि दरअसल चूरू का रहने वाला था और जिसका नाम जावेद खान था, उससे भी ये कहा गया l
