योगी आदित्यनाथ सरकार में बेरोजगारी दर घटी 19% से 3% तक – उत्तर प्रदेश में रोजगार क्रांति की पूरी कहानी (2025)

 

उत्तर प्रदेश में पिछले 8 वर्षों में बेरोजगारी की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जहाँ 2017 से पहले प्रदेश में बेरोजगारी दर 19% से भी ज्यादा थी, वहीं आज यह घटकर मात्र ~3% रह गई है। यह आंकड़ा किसी सरकारी दावे मात्र नहीं, बल्कि CMIE, PLFS (NSSO) और अन्य स्वतंत्र सर्वे भी इसकी पुष्टि करते हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अबरोजगार और स्वरोजगार का हबबन चुका है।
योगी सरकार के 8 सालः बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट: योगी सरकार के 8 वर्षों के कार्यकाल में बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। 2016-17 में यह दर लगभग 17.5% से 19.5% के बीच थी, जबकि 2024-25 में यह घटकर 2.9% से 3.5% के बीच पहुंचने की संभावना है, जैसा कि CMIE द्वारा अक्टूबर 2025 में बताए जाने की उम्मीद है। यह कमी केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के जीवन में स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। इस प्रकार, योगी सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाकर युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
योगी सरकार ने कैसे किया यह चमत्कार? : योगी सरकार के कार्यकाल में रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिसमें 60 लाख से अधिक सरकारी और अर्धसरकारी नौकरियों का सृजन शामिल है। UPSSSC, UPPSC, UPP, UPTGT/PGT जैसी परीक्षाओं में पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से पेपर लीक के बिना भरती की जा रही है, जिससे पुलिस भर्ती में 1.50 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी मिली। इसके अलावा, 1.75 करोड़ से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं, जिसमें मुद्रा योजना, स्टार्टअप और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जो 50 लाख से अधिक रोजगार का सृजन कर चुके हैं। UP स्टार्टअप पॉलिसी के तहत 15,000 से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए हैं और सरकार ने ₹10,000 करोड़ से अधिक का स्टार्टअप फंड उपलब्ध कराया है। कौशल विकास के क्षेत्र में, ग्रेटर नोएडा-यमुना एक्सप्रेसवे पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डाटा सेंटर हब स्थापित किया गया है, जिसमें सैमसंग और विवेकानंद कौशल विकास योजना द्वारा 7 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त, 1500 से अधिक नए ITI और पॉलिटेक्निक संस्थान खोले गए हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में, BC सखी और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिलाएं बैंकिंग सखी बनी हैं, और मिशन शक्ति के तहत 25 लाख से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। निवेश और उद्योग के क्षेत्र में, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में ₹40 लाख करोड़ के MoU साइन किए गए, जिससे 2025 तक ₹15 लाख करोड़ से अधिक निवेश की उम्मीद की जा रही है। सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 9 एक्सप्रेसवे और 12 नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से यूपी का चेहरा बदल दिया है।
नया उत्तर प्रदेशः जहाँ युवा अवसर नहीं, अवसर पैदा करता है : आज का यूपी युवा नौकरी मांगने नहीं, नौकरी देने वाला बन रहा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी में स्टार्टअप इकोसिस्टम फल-फूल रहा है।  गाँव-गाँव तक डिजिटल इंडिया और ऑप्टिकल फाइबर पहुँचा, जिससे ऑनलाइन बिजनेस बढ़ा।  ODOP प्रोडक्ट्स अब अमेज़न, फ्लिपकार्ट और विदेशी मार्केट तक पहुँच रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने साबित कर दिया है कि सही नीति, पारदर्शी शासन और युवा-केंद्रित योजनाओं से बेरोजगारी को 19% से 3% तक लाया जा सकता है। आज का उत्तर प्रदेश सिर्फ भारत का सबसे बड़ा राज्य नहीं, बल्कि सबसे तेज बढ़ता हुआ रोजगार हब बन चुका है।नए उत्तर प्रदेश का युवा अब सिर्फ सपने नहीं देखतावह सपने सच करता है और देश-दुनिया के लिए मिसाल बनता है।

 

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