केंद्रीय
गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री
श्री अमित शाह ने हाल ही
में उत्तराखंड के पवित्र शहर
ऋषिकेश का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने जूना अखाड़ा के प्रमुख जूनापीठाधीश्वर
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के
आश्रम में पहुंचकर उनसे भेंट की और आशीर्वाद
प्राप्त किया। अमित शाह ने खुद अपने
आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी
साझा की "आज ऋषिकेश में
जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के
आश्रम में उनसे भेंट कर आशीर्वाद लिया।"यह
मुलाकात स्वामी अवधेशानंद गिरि जी के हरिहर
आश्रम या ऋषिकेश स्थित
परिसर में हुई, जहां अमित शाह ने आध्यात्मिक चर्चा
की और सनातन धर्म
की परंपराओं का सम्मान व्यक्त
किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर
सिंह धामी भी इस अवसर
पर मौजूद रहे।
स्वामी
अवधेशानंद गिरि जी महाराज भारत
के सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरुओं में से एक हैं।
वे जूना अखाड़ा (भारत के सबसे प्राचीन
और बड़े नागा साधु अखाड़ों में से एक) के
आचार्य महामंडलेश्वर और जूनापीठाधीश्वर हैं।
1998 के हरिद्वार कुंभ में जूना अखाड़े के संतों ने
उन्हें यह उच्च पद
सौंपा था।
मुख्य पद:
हिंदू धर्म आचार्य सभा के अध्यक्ष ।
योगदान:
लगभग 10 लाख से अधिक नागा
साधुओं को दीक्षा प्रदान
की ।
आश्रम:
हरिद्वार (कनखल) में हरिहर आश्रम और ऋषिकेश में
परिसर ।
वैश्विक
भूमिका: विश्व धार्मिक नेताओं परिषद के बोर्ड सदस्य
।
ज्ञान
क्षेत्र: वेदांत, अध्यात्म, मानव कल्याण और राष्ट्रधर्म पर
प्रवचन।
वे
लेखक भी हैं और
उनकी पुस्तकें जैसे Eternal Wisdom,
Vision of Self आदि लोकप्रिय हैं। महाकुंभ 2025 में भी वे लाखों
साधुओं के नेतृत्व में
अमृत स्नान करा चुके हैं।
अमित
शाह और स्वामी अवधेशानंद
गिरि जी के बीच
लंबे समय से गहरा और
पुराना संबंध रहा है, जो विभिन्न अवसरों
पर मुलाकातों के रूप में
सामने आता है। अमित शाह ने पहले भी
कई बार स्वामी जी से भेंट
की है, जैसे कि जनवरी 2025 में
प्रयागराज (महाकुंभ) के दौरान उनकी
मुलाकात हुई, जहां आध्यात्मिक और राष्ट्रीय हितों
पर विस्तृत चर्चा हुई। इसी तरह, 2021 में हरिद्वार के हरिहर आश्रम
में भी दोनों के
बीच मुलाकात हुई, जिसमें राष्ट्र-जागरण, सामाजिक समरसता और सनातन धर्म
से जुड़े विषयों पर गहन बातचीत
हुई। इसके अलावा, 2019 में प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान स्वामी
जी ने संतों के
साथ अमित शाह के साथ भोजन
भी साझा किया था।ये सभी मुलाकातें भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रहित को
मजबूत करने का प्रतीक मानी
जाती हैं। स्वामी अवधेशानंद गिरि जी ने एक
मौके पर अमित शाह
की सराहना करते हुए कहा था कि "आज
का भारत अमित शाह की वजह से
भयमुक्त है।" यह संबंध दोनों
के बीच सतत संवाद और साझा मूल्यों
को दर्शाता है, जो समय-समय
पर विभिन्न धार्मिक और राष्ट्रीय आयोजनों
में दिखाई देता है।
यह
भेंट सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता
के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
ऋषिकेश जैसे पवित्र स्थल पर ऐसी मुलाकातें
समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं।