पराक्रम
दिवस 2026: योगी सरकार ने नेताजी की
स्मृति को किया अमर23
जनवरी को पूरे देश
में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम
दिवस के रूप में
मनाई जाती है। इस अवसर पर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने लखनऊ में
आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और नेताजी के
चित्र पर पुष्प अर्पित
कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम हजरतगंज
स्थित नेताजी सुभाष चौक पर आयोजित किया
गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, अधिकारी और आमजन उपस्थित
रहे।नेताजी
सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रेरणादायक
व्यक्तित्वों में से एक हैं।
उन्होंने आजाद हिंद फौज की स्थापना कर
स्वतंत्रता की लड़ाई को
नई दिशा और नया जोश
प्रदान किया। उनका अमर नारा "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" आज भी हर
भारतीय के दिल में
गूंजता है और युवाओं
को देशसेवा के लिए प्रेरित
करता है।नेताजी ने विदेशी ताकतों
से सहयोग लेकर भी भारत माता
की आजादी के लिए अथक
संघर्ष किया। उनका जीवन साहस, निष्ठा, त्याग और राष्ट्रभक्ति का
जीवंत उदाहरण है।
कार्यक्रम
में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
नेताजी का विराट व्यक्तित्व
हर भारतीय को प्रभावित करता
है। उन्होंने नेताजी की पावन स्मृतियों
को नमन करते हुए कहा:"स्वाधीनता आंदोलन के महानायक 'नेताजी'
सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर
आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित
कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भारत के क्रांतिकारियों के
सिरमौर के रूप में
'नेताजी' ने आजादी की
लड़ाई को एक नई
दिशा दी। उनका विराट व्यक्तित्व हर भारतीय को
प्रभावित करता है। देश के प्रति उनकी
सेवाओं के लिए कृतज्ञता
ज्ञापित करते हुए 'नेताजी' की पावन स्मृतियों
को नमन।"योगी जी ने यह
भी जोर दिया कि नेताजी का
जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा
स्रोत है। उन्होंने कहा कि आजाद हिंद
फौज की स्थापना कर
नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम
को नई ऊर्जा दी
और पराक्रम का प्रतीक बने।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में
23 जनवरी को पराक्रम दिवस
घोषित किया गया है, जो नेताजी के
अदम्य साहस और पराक्रम को
याद करने का अवसर प्रदान
करता है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार इस दिन को
बड़े स्तर पर मनाती है,
ताकि नई पीढ़ी नेताजी
के आदर्शों से जुड़ सके।नेताजी
सुभाष चंद्र बोस जयंती पर योगी आदित्यनाथ
की यह श्रद्धांजलि न
केवल व्यक्तिगत सम्मान दर्शाती है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की राष्ट्रभक्ति और
स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति निष्ठा
को भी रेखांकित करती
है।